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विपुल त्यागी हत्याकांड का खुलासा, पढ़िए पूरी कहानी

Sat, 06 Jun 2015 01:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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दून से अगवा प्रापर्टी डीलर विपुल त्यागी की हत्या 96 लाख रुपये के प्रापर्टी विवाद में की गई है। पुलिस ने नामजद तीन आरोपियों समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इनके पास से पांच लाख रुपये भी मिले हैं।
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पूछताछ में बताया कि आईएसबीटी से निकलते ही विपुल की हत्या करने के बाद शव गढ़ मुक्तेश्वर के श्मशान घाट पर जलाया। हत्या में शामिल एक आरोपी फरार है। पुलिस शनिवार को मामले का खुलासा कर सकती है।

क्लेमेंटटाउन क्षेत्र के सुभाषनगर में रहने वाले मुजफ्फरनगर के घुमावटी निवासी प्रापर्टी डीलर विपुल त्यागी की 28 मई को अपहरण किया गया था। शुक्रवार देर रात दो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद विपुल की हत्या की पुष्टि हुई।
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सूत्रों का कहना है कि भागदौड़ के बाद पुलिस हत्या में नामजद सहदेव त्यागी, राहुल, मुकेश त्यागी के अलावा परविंदर शर्मा उर्फ पंडित और प्रापर्टी डीलर तौफिक को हिरासत में लिया है। एक आरोपी संजीव त्यागी फरार है। बताया जाता है कि संजीव के खिलाफ 10 के करीब आपराधिक मामले दर्ज हैं।

आईएसबीटी से निकलते ही दबा दिया विपुल का गला

आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह विपुल की हत्या अपने ऑफिस में करना चाहते थे लेकिन आईएसबीटी से निकलते ही विपुल से उनकी कहासुनी हो गई। इसके बाद आशा रोड़ी चौकी से पहले सड़क किनारे कार खड़ी करके विपुल का गला दबा दिया। रात में उसके शव को कार से गढ़ मुक्तेश्वर ले गए और नदी किनारे शव जला दिया।

सूत्रों का कहना है कि विपुल और सहदेव पार्टनर थे। 96 लाख रुपये की एक प्रापर्टी के लिए उनमें विवाद था। इसी वजह से विपुल की हत्या की साजिश रची गई। लाखों की रकम देने के बाद प्रापर्टी का बैनामा नहीं हो रहा था।

पुलिस देर रात आरोपियों को लेकर दून पहुंच गई है। हालांकि कोई अधिकारिक तौर पर किसी के पकड़े जाने की पुष्टि नहीं कर रहा है। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह का कहना है कि मामले में अभी कार्रवाई चल रही है।
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210 किमी दूर ले जाकर जलाया शव, क्यों?

विपुल त्यागी की हत्या करने के बाद शव को 210 किलोमीटर दूर ले जाने का आरोपियों ने रिस्क क्यों लिया? इस सवाल का सही उत्तर नहीं मिल रहा है।

आशंका है कि पुलिस को गुमराह करने के लिए आरोपियों ने कहानी गढ़ ली है। संदेह की एक वजह यह भी है कि आरोपियों में से एक ने पहले विपुल के शव को हरिद्वार में फेंकने की बात कही थी।

विपुल के कत्ल में शामिल रहे आरोपियों से पूछताछ में दो तरह की बात सामने आई है। एक आरोपी ने हत्या के बाद शव को हरिद्वार में फेंकने की बात कही। इसके बाद गढ़ मुक्तेश्वर में शव जलाने की कहानी बताई गई।

पुलिस ने श्मशान घाट जाकर माथापच्ची की, लेकिन शव जलाने के साक्ष्य नहीं मिले। पुलिस आरोपियों से माथापच्ची कर चुकी है, लेकिन वह यही राग अलाप रहे हैं। स्थिति शनिवार तक साफ हो सकती है।

डीएनए टेस्ट के लिए कब्जे में ली हड्डी
गढ़ मुक्तेश्वर श्मशान घाट पर नदी किनारे से पुलिस ने जली हुई इक्का-दुक्का हड्डी कब्जे में ली है, ताकि डीएनए के आधार पर पुष्टि कराई जा सके कि शव विपुल त्यागी का था या नहीं।
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