फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्राइम रिपोर्टर बनकर कर रहा था ड्रग्स का धंधा

Thu, 09 Oct 2014 01:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कपकोट (बागेश्वर)
विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर पुलिस ने मंगलवार देर रात कर्मी मार्ग के बेलंग पुल के पास एक कार से चार किलो अवैध चरस के साथ कथित पत्रकार और उसके एक अन्य साथी को गिरफ्तार किया है। जिस कार से चरस के साथ गिरफ्तार किया गया उस पर प्रेस लिखा हुआ था।
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार पकड़ी गई चरस की कीमत चार लाख रुपए है। कार को सीज कर दिया गया है। दोनों को सीजेएम चंद्रमणि राय की अदालत में पेश करने के बाद अदालत के आदेश पर उन्हें अल्मोड़ा भेज दिया गया।

थानाध्यक्ष एसपी रायपा ने बताया कि रात करीब 8.10 बजे बेलंग पुल के पास गश्त चल रही थी तभी अंबेसडर की तलाशी ली गई। कार में बैठे दो लोगों में पवन कुमार (45) निवासी मोहल्ला मकबरा नजीबाबाद (बिजनौर) के काले रंग के बैग से तीन किलो चरस और चालक अशोक कुमार निवासी हरिपुरकला थाना रायवाला (देहरादून) के बैग से एक किलो चरस मिली।
विज्ञापन

खुद को बता रहा था क्राइम रिपोर्टर

पुलिस ने बताया कि पवन ने अपने को सहारनपुर से प्रकाशित होने वाली एक साप्ताहिक पत्रिका का क्राइम रिपोर्टर बताया।  उसके पास से प्रेस कार्ड भी बरामद हुआ है।

सीओ धनी राम भी सूचना के बाद मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बताया कि दोनों का 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत चालान कर दिया गया है। चरस पकड़ने वाली टीम में दारोगा चंचल सिंह, हेड कांस्टेबल जगत सिंह रौंकली, कांस्टेबल गणेश सिंह, प्रकाश टम्टा, गोविंद सिंह और प्रमोद दीपक आदि शामिल थे।

उधर, पुलिस कप्तान एसपी नपलच्याल ने कहा कि प्रेस की आड़ में इस तरह का कार्य सहन नहीं किया जाएगा। एसपी ने कहा कि अनाधिकृत रूप से प्रेस लिखे वाहनों की सघन जांच करवाई जाएगी।
विज्ञापन

अपनी करनी पर पछता रहा कथित पत्रकार

पुलिस के शिकंजे में आया कथित पत्रकार पवन अब अपनी करनी पर पछता रहा है। उसने बताया कि सरयू घाटी के महेश और विक्की नाम के दो युवकों का हरिद्वार आना जाना था। वहीं पर कथित पत्रकार की उनसे मुलाकात हुई थी।

दोनों ने उससे इस धंधे से जुड़कर बड़ी कमाई करने का लालच दिया था। कहा क‌ि उसने पहली बार इस धंधे में कदम रखा है। उनके बहकावे में आकर इस धंधे में पहला कदम रखते ही पुलिस के हत्थे चढ़ गया। थानाध्यक्ष ने कहा कि आरोपियों के तार किसी बड़े गिरोह से भी जुड़े हो सकते हैं।

कथित पत्रकार यूपी का है, जबकि उसके नाम की कार हरिद्वार जिले के नंबर की है। मामले की जांच रीमा चौकी के प्रभारी जगदीश सिंह ढकरियाल को सौंपी गई है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें