उत्तराखंड के अमानगढ़ वन रेंज में बाघ, तेंदुए का शिकार करने आए एक शिकारी को वन कर्मियों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया जबकि उसके दो साथी भाग निकले। पकड़े गए शिकारी के पास से शिकार करने के उपकरण भी बरामद हुए हैं।
पुलिस ने वन्य जीव संरक्षण अधिनियम एवं भारतीय वन अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
मुखबिर से मिली सूचना
रेंजर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि बुधवार शाम को कुछ शिकारी बाघ, तेंदुए का शिकार करने के लिए अमानगढ़ वन रेंज में घुसे हैं।
इस पर रेंजर ने टीम के साथ घेराबंदी कर रानी नंगला वन चौकी के पास शिकारियों को घेर लिया। दो शिकारी अंधेरे का लाभ उठाकर फरार हो गए जबकि एक शिकारी टीम के हत्थे चढ़ गया।
पकड़े गए शिकारी ने अपना नाम वंशी सिंह पुत्र किशोरी सिंह निवासी बनवारी नगर, बिजनौर (यूपी) बताया। उसके पास से शिकार में इस्तेमाल किए जाने वाले सामान चाकू, रस्सी, ब्लेड, रसायन आदि बरामद हुआ है।
शिकारी ने फरार हुए साथियों के नाम महीपाल पुत्र गिरधारी, सरवन पुत्र हेता निवासी ग्राम छजमलवाला बिजनौर (यूपी) बताया। वन कर्मियों ने पकड़े गए अभियुक्त को रेहड़ थाना (बिजनौर) पुलिस के हवाले कर दिया है।
इस तरह करते हैं शिकार
रेहड़ थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि फरार अभियुक्तों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी जा रही है। गिरफ्तार वंशी ने बताया कि वन जीवों को मारने के लिए उनके गुजरने वाले संभावित रास्तों में गड्ढे किए जाते हैं।
गड्ढों को पेड़ों के पत्तों, टहनियों से ढक दिया जाता है। जानवर के गड्ढे में गिरने पर उनका शिकार किया जाता है।