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उत्तराखंड में नाबालिग लड़कियों की तस्करी का भंडाफोड़, ठेकेदार गिरफ्तार

Fri, 14 Apr 2017 08:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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रायपुर में डील वैज्ञानिक के घर से मुक्त कराई गई छत्तीसगढ़ की युवती के साथ दुराचार हुआ था। पुलिस विवेचना में आए इस तथ्य के आधार पर पुलिस ने ठेकेदार को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
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पुलिस ने दावा किया कि ठेकेदार अपने साथियों की मदद से बंगाल, झारखंड और छत्तीसगढ़ से नाबालिग लड़कियों को सब्जबाग दिखाकर दिल्ली लाते हैं, जहां से उन्हें देश के अन्य हिस्सों में भेजा जाता है। प्राथमिक पूछताछ में 10 लड़कियों की बात सामने आई है। इनमें से अधिकांश को दिल्ली में कैद किया हुआ है। 

एसएसपी स्वीटी अग्रवाल ने शुक्रवार को नाबालिग लड़कियों की तस्करी में सक्रिय इस गैंग का भंडाफ फोड़ किया है। उन्होंने बताया कि 29 मार्च को एक युवती ने 100 नंबर पर डील कालोनी में डील वैज्ञानिक अजय मलिक के मकान में बंधक बनाए जाने की शिकायत की थी।
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पुलिस ने युवती को बरामद कर पूछताछ की तो पता चला कि वह छत्तीसगढ़ की रहने वाली है। दिल्ली के ठेकेदार शंभू नाथ प्रसाद के जरिये वह वैज्ञानिक के घर पहुंची थी। पुलिस ने वैज्ञानिक और शंभू नाथ के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। 

10 लड़कियों के बारे में जानकारी दी

विवेचना के दौरान तथ्य आया कि युवती को छत्तीसगढ़ के मोहर और सुभाष 2009 में दिल्ली लाए थे। उस समय वह नाबालिग थी। आरोप है कि ठेकेदार ने उसी समय उसके साथ दुराचार किया था।

दहशत में पीड़िता ने उस समय मुंह नहीं खोला था। एसएसपी ने बताया कि एसपी सिटी अजय सिंह की अगुवाई में साक्ष्यों के संकलन और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई। 13 अप्रैल की रात दिल्ली के शकरपुर इलाके में शंभू नाथ प्रसाद को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

शंभू 2005 तक एक फैक्ट्री में ठेकेदारी करता था। फैक्ट्री बंद होने के बाद वह इस धंधे में उतर गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ आदि इलाकों से नाबालिग लड़कियों को लाकर देश के कई हिस्सों में घरेलू कामकाज के लिए भेजते हैं।

एसएसपी ने बताया कि शंभू नाथ के अलावा इस गैंग में कई अन्य लोग भी शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। ठेकेदार ने दिल्ली के पंजाबी बाग इलाके के अलावा हैदराबाद में करीब 10 लड़कियों के बारे में जानकारी दी है। दिल्ली पुलिस की मदद से उन्हें भी मुक्त कराने की कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

इस मामले में तह तक जाकर कार्रवाई की जाएगी। एसपी सिटी अजय सिंह भी इस दौरान मौजूद थे। एसएसपी ने एसओ रायपुर प्रदीप राणा, महिला उप निरीक्षक पुष्पा रौतेला, मेहराजूद्धीन, कांस्टेबल विपुल कुमार और नरेंद्र पुरी को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। 
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कमीशन पर घरेलू काम को भेजते है लड़कियां

 पुलिस हिरासत में ठेकेदार शंभूनाथ प्रसाद का कहना था कि वह बाहरी राज्यों से आने वाली लड़कियों को कमीशन के आधार पर एजेंसी के माध्यम से घरेलू कामकाज को भेजते हैं। कमीशन की राशि करीब पांच हजार रुपये के करीब होती है। हालांकि उन्होंने रेप की बात से इनकार किया है। 

खुद डकार लेते हैं मजदूरी
 नाबालिग लड़कियों को घरों में भेजकर यह लोग उनकी मजदूरी हड़प लेते हैं। लड़कियां भेजने के साथ शर्त यह होती है कि हर महीने का मानदेय ठेकेदार के बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाए। इस कारण पीड़ित को मजदूरी नहीं मिलती है। 

वैज्ञानिक ने गिरफ्तारी पर लिया स्टे
एसपी सिटी अजय सिंह ने बताया कि युवती को बंधक बनाने के मामले में दर्ज हुए मुकदमे में वैज्ञानिक अजय गोयल ने गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट से स्टे ले लिया है।  

 प्लेसमेंट एजेंसी तस्करी में सक्रिय
मानव तस्करी के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लड़ाई लड़ रहे इमपॉवरिंग पीपुल सोसायटी के संस्थापक ज्ञानेंद्र कुमार का कहना है कि उन्होंने पहले भी पुलिस को बताया था कि दिल्ली की कई एजेंसी घरेलू काम का सहारा लेकर मानव तस्करी कर रही हैं। देहरादून में ठेकेदार और एजेंसी संचालक की गिरफ्तारी से इस बात को बल मिला है।

मानव तस्करी को लेकर पुलिस प्रशिक्षित नहीं है, जिसका फायदा मानव तस्कर उठा रहे हैं।  असुरक्षित पलायन के नाम पर उत्तराखंड में तस्करी हो रही है। नेपाल से उत्तराखंड के रास्ते हर माह 80 से 100 नाबालिग लड़कियों को काम के नाम पर लाया जा रहा है। मानव तस्करी को रोकने के लिए पुलिस को प्रशिक्षित करने के साथ जन सामान्य को भी जागरूक करने की जरूरत है। 
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