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खुद को बताया मंत्री का भतीजा, नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों लेकर फरार

Fri, 14 Apr 2017 08:11 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,बलिया
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40 लोगों से 5 से लेकर 10 लाख रुपये तक वसूले - फोटो : demo pic
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हैदराबाद में बीटेक की पढ़ाई कर रहे छात्र द्वारा खुद को मंत्री का भतीजा बताकर करीब 40 दोस्तों को नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये ठगी करने का मामला सामने आया है। दोस्तों से रुपये खुद व अधिवक्ता भाई के खाते में जमा करवाए।
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काफी दिनों बाद जब उसके दोस्तों को कोई नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने हैदराबाद में तहरीर दी। इस मामले में शुक्रवार को बलिया  पहुंची तेलंगाना पुलिस ने आरोपी फेफना थाना क्षेत्र के मुबारकपुर निवासी अधिवक्ता रणजीत राय को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद सीजेएम कोर्ट में ट्रांजिट रिमांड की अर्जी देकर उसे हैदराबाद ले जाने की अनुमति मांगी। लेकिन तेलंगाना पुलिस की ट्रांजिट रिमांड को सीजेएम कोर्ट ने खारिज कर दिया तथा आरोपी को निजी बंधपत्र पर छोड़ दिया। 

आरोप है कि करीब साल भर पूर्व फेफना थाना क्षेत्र के मुबारकपुर खोरीपाकड़ निवासी अधिवक्ता रणजीत राय का छोटा भाई संदीप राय हैदराबाद में बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। इसी दरम्यान उसकी दोस्ती कई सहपाठी छात्रों से हो गई।
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उसने दोस्तों को बताया कि उत्तर प्रदेश में उसके चाचा मंत्री हैं। अपने साथियों को विश्वास में लेकर सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर एक-एक छात्र से पांच से दस लाख रुपये अपने खुद तथा भाई अधिवक्ता रणजीत राय के खाते में जमा कराए। लेकिन काफी दिनों बाद जब उसके दोस्तों को नौकरी नहीं मिली तो पीडि़त छात्रों ने अपना पैसा मांगना शुरु कर दिया।

उसके  टाल-मटोल करने पर वाराणसी निवासी पीडि़त छात्र अजीत कुमार की तहरीर पर हैदराबाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इस मामले में पुलिस आरोपी संदीप राय को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है, जिसका पुलिस कस्टडी में इलाज चल रहा है।

मामले में दूसरे आरोपी संदीप के भाई रणजीत राय को गिरफ्तार करने तेलंगाना की पुलिस शुक्रवार को बलिया पहुंची। रणजीत राय को उनके आवास से गिरफ्तार करने के बाद सीजेएम कोर्र्ट में पेश किया तथा ट्रांजिट रिमांड की अर्जी दी।

जिस पर सुनवाई करते हुए सीजेएम अमित मालवीय ने ट्रांजिट रिमांड की अर्जी खारिज कर दी तथा आरोपी अधिवक्ता को निजी बंधपत्र पर छोड़ने का आदेश दिया।
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