बिजनौर निवासी फोटोग्राफर अनिल को उसकी साली काजल ने ही गोली मारकर मौत के घाट उतारा था। पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए काजल और उसके पिता को गिरफ्तार कर लिया है। गांव के एक युवक की भी तलाश है। पुलिस हत्या में उसकी संलिप्ता मानकर चल रही है।
बिजनौर (यूपी) के ग्राम फतेहपुर निवासी अनिल पुत्र चंद्रपाल नौ जून को खानपुर क्षेत्र के कलसिया गांव निवासी अपनी साली काजल की शादी में शामिल होने आया था।
काजल को लक्सर के एक ब्यूटी पार्लर में ले जाते समय उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद से ही पुलिस काजल को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। मामले में पुलिस ने दस से ज्यादा लोगों से पूछताछ की।
हत्या के लिए चुना शादी का दिन
रविवार को पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा कर दिया। एसएसपी सदानंद दाते ने बताया कि काजल ने खुद ही गोली मारकर अनिल की हत्या करने की बात स्वीकारी है।
उसने ऐसा अपनी मंझली बहन मीना की मौत का बदला लेने के लिए किया। चार साल पहले मीना की अनिल के घर पर मौत हो गई थी। परिजन मीना की मौत के लिए अनिल को ही जिम्मेदार मानते थे।
पुलिस के अनुसार, शारीरिक रूप से विकलांग होने के बावजूद काजल ने अनिल की हत्या करने की ठानी और इसके लिए उसने दिन भी अपनी शादी का चुना। योजना के तहत ही उसने ब्यूटी पार्लर जाने के लिए अनिल को तैयार किया।
एसएसपी के मुताबिक काजल ने बताया कि रास्ते में लघु शंका के बहाने उसने अनिल को रुकवाया और पर्स से तमंचा निकालकर उसे गोली मार दी।
तो किसे बचाना चाह रही है काजल
पुलिस ने काजल को गिरफ्तार कर लिया गया है। साथी ही काजल के पिता वीर सिंह को भी षड्यंत्र में शामिल होने का आरोपी पाया गया है।
हालांकि, अब भी पुलिस का मानना है कि काजल इस हत्याकांड में उसके साथ शामिल रहे किसी और व्यक्ति को बचा रही है।
पुलिस को गांव के ही रहने वाले सुभाष नामक एक युवक की तलाश है। सुभाष का नाम शादी वाले दिन काजल के हाथ पर लिखा पाया गया था। एसएसपी के अनुसार, सुभाष को भी मुकदमे में आरोपी बनाया गया है, लेकिन अभी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
तीनों बहनों की किस्मत पर लगा ग्रहण
वीर सिंह की तीनों बेटियों की किस्मत पर ऐसा ग्रहण लगा कि किसी को भी जीवन में खुशियां नसीब नहीं हो सकी। सबसे बड़ी बेटी ममतेश की शादी अनिल से हुई थी। मंझली बेटी मीना की अनिल के घर पर मौत हो गई थी।
तीसरी बेटी काजल पर ठीक उस समय अपनी बहन ममतेश का सुहाग उजाड़ने का आरोप है, जब वह खुद सुहागन बनने जा रही थी। अब वह सलाखों के पीछे पहुंच गई।
फुफेरे भाइयों को छोड़ा
अनिल हत्याकांड में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए काजल के दो फुफेरे भाइयों को पुलिस ने छोड़ दिया। बताया गया था कि इन्होंने ही काजल को तमंचा उपलब्ध कराया था, लेकिन पूछताछ में दोनों की भूमिका नहीं पाई गई।
इसके बाद पुलिस ने उन्हें छोड़ दिया। पुलिस का मानना है कि तमंचे की कहानी तभी स्पष्ट हो सकेगी, जब सुभाष गिरफ्त में होगा।