देहरादून में टॉफी देने के बहाने दुकान में बुलाकर दो मासूम बहनों से एक बुजुर्ग दुकानदार ने दुष्कर्म की कोशिश की।
आक्रोशित लोगों ने दुकानदार को जमकर धुनने के बाद पुलिस को सौंप दिया। दोनों बच्चियां घटना के बाद सदमे में हैं।
पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र में 61 वर्षीय हीरालाल किराना दुकान चलाता है।
पड़ोस में ही एक मजदूर अपनी नौ और सात साल की दो बेटियों संग रहता है। सुबह पिता के मजदूरी पर जाने के दौरान बच्चियों की देखभाल पड़ोसी करते हैं।
टॉफी देने का लालच देकर बच्चियों को बुलाया
इस दौरान कई बार दुकानदार बच्चियों को दुकान पर काम कराने बुला लिया करता था।
मंगलवार शाम उसने दोनों बच्चियों को टॉफी देने का लालच देकर बुलाया और दुराचार का प्रयास किया। इस बीच बच्चियों ने शोर मचाया तो हीरालाल के हाथ पांव फूल गए।
उसने बच्चियों को छोड़ दिया। दोनों मासूम रोते हुए घर पहुंची। पड़ोसी ने पूछा तो उन्होंने पूरी बात बता दी।
दुकानदार की जमकर धुनाई
सूचना मिलते ही आसपास के लोग जुट गए और दुकान पर पहुंचे। सबने मिलकर हीरालाल की जमकर धुनाई की और पुलिस को सौंप दिया।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है। कोर्ट में पेशी के बाद उसे आठ जुलाई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
तीन दिन में दूसरी वारदात
छह माह पहले गुजरी थी मां
इन मासूम बहनों के सिर से छह माह पहले ही मां का साया उठा है। पिता के मजदूरी पर जाने के कारण दोनों बच्चियां दिनभर घर से बाहर घूमती रहती हैं।
वारदात के बाद लोगों की जुबां पर यही बात रही कि मां जिंदा होती तो बच्चियों को यह दिन न देखना पड़ता।
बालिकाओं को दुष्कर्म का शिकार बनाने के प्रयास की तीन दिन में यह दूसरी वारदात है।
दो दिन पूर्व कोतवाली क्षेत्र में एक परचून दुकानदार रमेश कांत ने बालिका के साथ दुराचार की कोशिश की थी। उसे भी लोगों ने पीटकर पुलिस को सौंप दिया था।
ध्यान दें अभिभावक
- मासूम बालक-बालिकाओं को कभी अकेला ना छोड़ें
- दुकान पर सामान लेने के लिए बच्चों को अकेले न भेजें
- बच्चों को शिक्षा दी जाए कि वे किसी के बहकावे में न आए
- बच्चों को बताएं कि बाहरी व्यक्ति खाद्य पदार्थ दे तो सेवन न करें
- मासूम की सुरक्षा के मामले में किसी पर भी अंधविश्वास न करें