कोटद्वार के लैंसडौन तहसील के ल्वींठा गांव में पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी शौचालय निर्माण योजना में धांधली के खिलाफ आवाज उठाने पर दबंगों ने बुधवार सुबह एक बुजुर्ग की लाठी और डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी।
मृतक के बेटे ने ग्राम प्रधान के पिता और भाई के खिलाफ हत्या के आरोप में लैंसडौन राजस्व पुलिस को तहरीर दी है, लेकिन राजस्व पुलिस ने 24 घंटे बाद भी आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
हालांकि, एसडीएम सोहन सिंह सैनी का कहना है कि राजस्व पुलिस को यह मामला हत्या की धाराओं में दर्जकर विवेचना करने तथा नायब तहसीलदार को मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
इस घटना ने दिल्ली में मई माह में हुई उस घटना की याद भी ताजा कर दी, जिसमें दिल्ली विवि के छात्रों के एक समूह ने ई-रिक्शा चालक को इसलिए पीट-पीटकर मार डाला था कि उसने उन्हें खुले में पेशाब करने से रोका था।
तब मामले में ई-रिक्शा चालक के परिजनों को दिल्ली सरकार ने पांच लाख रुपये देने की घोषणा की थी, वहीं तत्कालीन केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकेया नायडू ने भी पीड़ित परिवार को पूरा समर्थन दिया था।
दर-दर भटक रहे परिजन
मृतक के पुत्र ल्वींठा गांव निवासी महेंद्र सिंह ने बताया कि बुधवार सुबह करीब नौ बजे उसके पिता प्रेम सिंह (60) मजदूरी के लिए घर से निकले थे। वह घर से कुछ दूर पहुंचे ही थे कि तभी दो लोगों ने पीछे से उनके सिर पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
वह बुरी तरह से लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। गांव के अन्य लोगों के मदद से गंभीर रूप से घायल प्रेम सिंह को डंडी-कंडी से पांच किमी पैदल सड़क मार्ग तक लाया गया। बुधवार शाम को करीब पांच बजे उन्हें कोटद्वार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार देर रात उनकी मौत हो गई।
नायब तहसीलदार कुलदीप रावत ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही तल्ला बदलपुर प्रथम के राजस्व उपनिरीक्षक राजपाल सिंह रावत को कोटद्वार भेजा गया है। घटनास्थल तल्ला बदलपुर तृतीय होने से उनकी तहरीर संबंधित पटवारी को भेजी गई है।
उन्होंने बताया कि मृतक के बेटे ने ग्राम प्रधान के पिता और भाई पर हत्या का आरोप लगाते हुए राजस्व पुलिस को तहरीर भिजवाई है। बताया कि गांव में शौचालय निर्माण में धांधली और पैसे लिए जाने केे खिलाफ प्रेम सिंह ने आवाज उठाई थी।
मृतक प्रेम सिंह गांव में राजमिस्त्री का काम करता था। शौचालय के मसले पर गत दो दिन पूर्व प्रधान, उसके पिता और भाई की ओर से उसे धमकी भी दी गई थी। कोटद्वार पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया।