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बॉर्डर पर पकड़ी तीन नेपाली युवतियां, अरब देशों में भेजने की थी तैयारी

Sat, 18 Jun 2016 01:22 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
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दिल्ली से रास्ते विदेश भेजी जाती हैं नेपाली युवतियां - फोटो : demo
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नेपाली युवतियों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली के रास्ते अरब देशों में भेजने वाली नेपाली महिला को बॉर्डर पर एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने पकड़ लिया। वह अपने साथ तीन नेपाली युवतियों को लेकर दिल्ली जा रही थी। तीनों युवतियों और आरोपी महिला को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट ने नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
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पूछताछ में दिल्ली स्थित मुख्य सरगना का नाम प्रकाश में नहीं आया। अब नेपाल पुलिस इस मामले में पूछताछ करेगी। नेपाल पुलिस ने झांसा देकर विदेश भेजी जा रही युवतियों को गलत हाथों में पड़ने से बचाकर नेपाल संस्था टिनी हैंड्स के सुपुर्द किया है।

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की इंचार्ज एसआई मंजू पांडे, एचसी लक्ष्मण चंद, कांस्टेबल गणेश सिंह बिष्ट, मुन्ना सिंह और रीड्स संस्था की मीरा बॉर्डर पर स्थित रीड्स कार्यालय में तैनात थे। इसी बीच दो नेपाली युवतियों को आता देख उन्हें शक हुआ। पूछताछ में उन्होंने रुद्रपुर में अपनी रिश्तेदारी में जाना बताया। वहां से काम के सिलसिले में विदेश जाने की बात कही।
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दिल्ली पहुंचाने के लिए मिलते हैं पांच हजार

लड़कियों की खरीद फरोख्त - फोटो : demo pic
कुछ समय बाद एक अन्य युवती नेपाल से भारत को संदिग्धावस्था में आती दिखाई दी। पूछताछ में उसने अपना नाम धना बस्तोला पत्नी नरेंद्र बस्तोला निवासी जिला चितवन नारायणी अंचल नेपाल बताया। कहा कि वह दिल्ली में अस्पताल में भर्ती अपने पुत्र के इलाज के लिए दिल्ली जा रही है। उसके पर्स की तलाशी लेने पर दिल्ली से बनबसा का बस का टिकट मिला, जो 16 जून का था।

एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट कर्मियों को शक होने पर उन्होंने उसे नेपाल पुलिस से सुपुर्द कर दिया। इसी बीच वहां पहुंची एक अन्य नेपाली किशोरी ने धना बस्तोला को पहचान लिया। उसने धना के साथ बनबसा से दिल्ली जाने की बात कही। धना से पूछताछ के बाद एसआई मंजू पांडे ने बताया कि धना को नेपाली युवतियों को दिल्ली पहुंचाने के एवज में पांच हजार रुपये मिलते हैं।

दिल्ली में एक युवक उनको दुबई, तिरगिस्तान, ईराक, सऊदी अरब जैसे देशों में भेजते हैं। बताया कि काठमांडू नेपाल में माउंटेन ग्रुप इन युवतियों के पासपोर्ट बनाता है। इस कार्य में वीर बहादुर, गोपाल जैसे एजेंटों के नामों का उसने खुलासा किया है। बताया कि जिन युवतियों का वीजा नहीं बन पाता उन्हें दिल्ली में कहीं बेच दिया जाता है। पकड़ी गई सरगना धना को तीनों नेपाली युवतियों के साथ नेपाल पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
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