हरिद्वार के रुड़की में मंहगे मोबाइल फोन की खातिर दो किशोरों द्वारा अपने दोस्त की निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई। आरोपियों ने उसकी गर्दन और पेट को बर्फ तोड़ने वाले सूजे से गोद डाला। इसके बाद पत्थरों से उसका सिर कूच दिया। बताया जाता है कि आरोपियों ने उधार चुकता करने के लिए बंगला लूटने की योजना बनाई थी।
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पुलिस ने हत्या का खुलासा करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मोबाइल बरामद कर लिया है। वहीं, छात्र के परिजनों ने दो अन्य आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग को लेकर कोतवाली का घेराव कर दिया। हाईवे पर भी जाम लगा दिया। पुलिस के समझाने पर परिजन शांत हुए।
मंगलवार दोपहर के समय सैनिक कालोनी निवासी अभिषेक (17) पुत्र गोपाल घर से लापता हो गया था। एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि जांच में सामने आया कि अभिषेक आखिरी बार अपने दोस्त शुभम निवासी बहादरपुर सैनी थाना बहादराबाद और वैभव पुत्र नरेंद्र गणेशपुर के साथ बाइक पर देखा गया था।
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पुलिस ने दोनों से कड़ी पूछताछ की तो सच सामने आ गया। शुभम ने बताया कि उसे 11 हजार रुपये मोबाइल के और एक अन्य दुकानदार के दो हजार उधार चुकाने थे। दुकानदार का दबाव पड़ने पर शुभम और वैभव ने अभिषेक का मोबाइल हथियाकर उधार चुकाने की योजना बनाई।
मोबाइल दिलाने के बहाने ले गए फिर की हत्या
मंगलवार दोपहर को उन्होंने अभिषेक को एक नए मॉडल का मोबाइल दिलाने का झांसा दिया। घर से मोबाइल का बिल भी मंगवा लिया। इसके बाद आरोपी उसे बाइक पर लेकर सोलानीपुरम के पास एक बाग में ले गए। जहां आरोपियों ने पहले उसकी गर्दन और फिर पेट में बर्फ तोड़ने वाले सुए से कई वार किए।
हत्या के बाद आरोपियों ने उसके चेहरे को पत्थरों से कुचल डाला और फरार हो गए। इसके बाद आरोपियों ने अभिषेक का मोबाइल 13 हजार में बेच दिया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर शव को बरामद कर लिया। दुकानदार के कब्जे से मोबाइल भी बरामद कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी बालिग हैं।
शाम के समय काफी संख्या में लोग गंगनहर कोतवाली पहुंच गए। लोगों ने मामले में ढंडेरा और सैनिक कालोनी निवासी दो युवकों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की। इसके बाद हाईवे पर जाम लगा दिया। एसपी देहात प्रमेंद्र सिंह और एएएसपी प्रहलाद नारायण ने लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया।
चेन स्नेचर निकले हत्या के दोनों आरोपी
छात्र की हत्या के आरोप में पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पहले भी संगीन अपराध किए है। दोनों आरोपियों ने शहर में दो चेन स्नेचिंग की वारदात कबूली है। हालांकि चेन बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस उन सर्राफ को चिह्नित कर रही है, जिन्हें आरोपियों ने लूट की चेन बेची है।
शहर के एक स्कूल में पढ़ने वाले 11वीं के छात्र अभिषेक को नहीं पता था कि उसके ही स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं के छात्र उसका बेरहमी से कत्ल कर देंगे। अपराध की दुनिया में शुभम और वैभव के कदम तो पहले ही पड़ चुके थे लेकिन अभी तक उनका नाम उजागर नहीं हुआ था।
हत्या के बाद पकड़े गए दोनों आरोपियों ने पुलिस के सामने सच उगला तो अधिकारी भी हतप्रभ रह गए। एससपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि दोनों आरोपी शहर में चेन स्नेचिंग की दो वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस इनके संपर्क में रहने वाले अन्य दोस्तों का भी पता लगा रही है।
भाई की बाइक पर बैठाकर ले गए
जिस बाइक पर अभिषेक को बैठाकर ले जाया गया था, वह शुभम के बड़े भाई की थी। हत्या से पहले आरोपियों ने पूरी योजना बना ली थी। शुभम बाइक चला रहा था, जबकि उसका दोस्ता वैभव पीछे बैठा था। पहले पुलिस यह मानकर चल रही थी कि बाइक चोरी की है लेकिन नंबर की तस्दीक होने के बाद बाइक की हकीकत सामने आ गई।
विजय से दोबारा होगी पूछताछ परिजन दो अन्य युवकों पर भी हत्या में शामिल होने का शक जता रहे हैं। पुलिस का कहना है कि एक युवक जो अभिषेक और इन दोनों हत्यारोपियों के संपर्क में था, उसने अपना नाम विजय रखा हुआ था। पूछताछ के बाद पुलिस का कहना है कि उसकी संलिप्ता की बात अभी तक सामने नहीं आई है। हालांकि लोगों के घेराव के बाद पुलिस दोबारा उससे पूछताछ करेगी।
जुर्म की दुनिया में नन्हें उस्तादों की सक्रियता ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। अब पुलिस को अपनी धारणा बदलनी पड़ रही है।
एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल की मानें तो चेन स्नेचिंग की वारदात में बाहरी नहीं बल्कि स्थानीय अपराधियों का ही हाथ है। इनमें कम उम्र के छात्र भी हैं, जो शौक पूरा करने के लिए इस तरह की वारदातें कर रहे हैं। अभिषेक की हत्या करने वाले दोनों दोस्तों ने चेन लूट की वारदात की थी। इंटर में पढ़ने वाले दोनों अपराधियों की करतूत ने शहर को हिलाकर रख दिया है।
आरोपियों के पक्ष में आए थे कई लोग जिस समय पुलिस ने रात को दोनों आरोपियों को पकड़कर कोतवाली में पूछताछ की थी, उस समय उनके समर्थन में कई लोग आकर खड़े हो गए थे। ऐसे लोगों ने पुलिस पर आरोपियों को छोड़ने का दबाव बनाया था।