कुख्यात बदमाश संजय नागर को ठिकाने लगाने के लिए उसका साला भी विरोधी गैंग से मिल गया था।
शरण देने वाला पूर्व फौजी गिरफ्तार
देहरादून पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए एक शूटर और हत्यारों को शरण देने वाले पूर्व फौजी को गिरफ्तार किया है। संजय नागर की हत्या करने में पांच बदमाश शामिल थे।
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एसएसपी अजय रौतेला ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। 31 जनवरी को आनंद ग्राम रायपुर में पांच बदमाशों ने संजय नागर उर्फ अनिल उर्फ टीटू की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस मामले में संजय की दूसरी पत्नी लक्ष्मी ने मुकदमा दर्ज कराया था। छानबीन में सामने आया कि गाजियाबाद निवासी सुंदर भाटी और गांव दुजाना बादलपुर जिला गौतमबुद्धनगर (यूपी) निवासी अनिल दुजाना के बीच सरिया और ईंट के ठेके को लेकर गैंगवार चल रही थी।
घर में घुसकर कर दी थी हत्या
बीती 23 जनवरी को भाटी गैंग के देवेंद्र भाटी की दुजाना गैंग ने हत्या कर दी थी। जवाब में भाटी गैंग ने कुछ ही घंटे बाद दुजाना गांव में अनिल दुजाना के भाई जय भगवान की घर में घुसकर हत्या कर दी थी।
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50 हजार रुपए का इनामी रहा अनिल दुजाना मुजफ्फरनगर जेल में बंद बताया गया है। अनिल दुजाना गैंग का संजय नागर दो साल पहले बुलंदशहर जेल से पैरोल पर छूटने के बाद वापस नहीं लौटा और देहरादून में नाम बदलकर प्रापर्टी डीलिंग करने लगा।
भाटी गैंग को कई महीने से संजय नागर की तलाश थी। संजय नागर की पहली पत्नी के भाई नरेंद्र ने भी घटना से कुछ दिन पहले उसे धमकी दी थी। नरेंद्र अपनी बहन अपनाने और संपत्ति में हिस्सा देने की मांग संजय से कर रहा था।
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इस बीच नरेंद्र भी भाटी गैंग से मिल गया था। नरेंद्र ने ही भाटी गैंग को संजय के ठिकाने की जानकारी दी। मंगलवार को पुलिस ने शूटर गौतम पुत्र संथल निवासी रूस्तमपुर बावली बड़ौत, जिला बागपत और अपराधियों को शरण देने के आरोपी जयवीर पुत्र वेदप्रकाश निवासी श्यामपुर वसंत विहार को गिरफ्तार कर लिया।
शूटरों ने पहले की थी रेकी
13 जनवरी 2014 को नरेंद्र भी भाटी गैंग के मुख्य शूटर अशोक और राहुल के साथ दून आया और संजय के घर की रेकी की। उस समय संजय दून में मौजूद नहीं था।
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30 जनवरी को शूटर अशोक, राहुल, गौतम, नरेंद्र और एक अन्य फिर दून पहुंचे। वे रात को जयवीर के घर ठहरे। जयवीर का साला जितेंद्र गैंग के अशोक को जानता था।
31 जनवरी की सुबह कार और मोटरसाइकिल से आनंदग्राम पहुंचे और संजय की हत्या कर दी।