बीवी से अवैध संबंधों के शक में दोस्त की सरेआम गोली मारकर हत्या करने के आरोपी को अदालत ने दोषी करार दिया है। अदालत मामले में 31 मई को सजा सुनाएगी। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र में वर्ष 2010 का है। अभियुक्त मूल रूप से बिजनौर के मंढावर का रहने वाला है।
दोनों में थी गहरी दोस्ती
गांधी ग्राम में रहने वाला इशरत मूल रूप से बिजनौर के कीरतपुर अफगान मोहल्ले का था। गांधी ग्राम वह छोटे भाई अरशद के साथ किराए पर रहता था। यहां पड़ोस में रहने वाले रवीश से उसकी गाढ़ी दोस्ती थी। दोनों पेशे से कारपेंटर थे।
रवीश यहां अपनी पत्नी, बच्चों संग रहता था। इशरत का रवीश के घर काफी आना जाना था।
पत्नी से संबंध का था शक
अपर जिला जज विजेंद्र सिंह की अदालत में सुनवाई के दौरान मामले के एकमात्र प्रत्यक्षदर्शी गवाह मृतक के भाई अरशद ने बताया कि रवीश को शक था कि इशरत और उसकी पत्नी के बीच अवैध संबंध हैं। तब से वह उससे रंजिश रखने लगा।
28 अगस्त 2010 रवीश ने इशरत को गांधी ग्राम में कल्याण आश्रम के पास गोली मार दी। अस्पताल पहुंचाए जाने से पहले ही इशरत की मौत हो गई थी।
बचाव पक्ष की दलील नहीं आई काम
अदालत में बचाव पक्ष ने दलील दी कि गवाह कभी डेढ़ फीट दूरी से गोली मारने की बात कह रहा है, कभी दूर से, उसके बयान में विरोधाभास है।
अभियोजन से जिला शासकीय अधिवक्ता जया ठाकुर ने विरोध जताते हुए कहा कि आरोपी ने सरेआम गोली मारकर इशरत की हत्या की है। अभियोजन पक्ष ने अपने पक्ष में 12 गवाह पेश किए।