भाजपा नेता राकेश रस्तोगी हत्याकांड में परिजनों ने बहेड़ी पुलिस को अभी तक तहरीर नहीं दी है।
पुलिस ने शहर में मारे छापे
बहेड़ी पुलिस का कहना है कि वह किच्छा में ही मुकदमा दर्ज कराना चाहते हैं। उधर, रविवार तड़के उत्तराखंड एसओजी टीम ने शहर में कई जगह छापे मारे।
टीम ने बहेड़ी से एक युवक को हिरासत में लिया है। इसके अलावा उत्तराखंड के अन्य स्थानों से तीन लोग उठाए गए हैं।
शनिवार को भाजपा के मंडल उपाध्यक्ष और सिविल इंजीनियर राकेश रस्तोगी का शव नैनीताल रोड के ग्राम मंडनपुर में उनकी ही कार में पड़ा मिला था।
बरेली से आई फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने जांच करने के बाद शव को बाहर निकलवाया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए बरेली भेज दिया गया था।
मृतक के पिता और परिजनों का कहना था कि वह मामले की रिपोर्ट किच्छा थाने में ही दर्ज कराएंगे। इसके बाद पुलिस ने इस हत्याकांड के तार चैरुला गांव में मिली महिला की लाश से जोड़ते हुए जांच शुरू की तो उसमें कोई सफलता नहीं मिली।
इन पहलुओं पर जांच कर रही पुलिस
पुलिस टीम पचपेड़ा सहित उत्तराखंड से मिली सीमा के गांवों में मुखबिरों का जाल बिछाए हुए हैं। देर शाम तक पुलिस फिरौती के लिए हत्या होना या फिर अवैध संबधों के चलते बेरहमी से कत्ल करने को लेकर घटना जोड़ते हुए जांच कर रही है।
उत्तराखंड एसओजी टीम ने बहेड़ी शहर के एक युवक को सुबह पूछताछ के लिए उठाया है।
अभी तक इस मामले में यूपी और उत्तराखंड के थाने में न तो मामला दर्ज हुआ है और न ही पुलिस इस हत्याकांड के खुलासे के लिए कुछ खास कर पाई है। टीम रस्तोगी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगालने में लगी हुई है।