उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय की उत्तराखंड आयुष प्री मेडिकल टेस्ट (यूएपीएमटी) में पकड़े गए मुन्नाभाइयों ने पुलिस की पूछताछ में सनसनीखेज खुलासे किए हैं। इनमें से कई मुन्नाभाई तो ऐसे हैं जो कि अब तक 100 से ज्यादा परीक्षाओं में शामिल हो चुके हैं। उधर, पुलिस ने सोमवार को नौवें और दसवें आरोपी को हरिद्वार से गिरफ्तार कर लिया। दस अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है।
रविवार को राजधानी में आयोजित हुई यूएपीएमटी परीक्षा में पुलिस ने आठ मुन्नाभाई और गिरोह के एक कोऑर्डिनेटर को गिरफ्तार किया था। देर रात तक पुलिस ने जब सभी आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो पुलिस के भी होश उड़ गए।
उत्तराखंड से पहले इस गिरोह के सदस्य बिहार और यूपी में 100 से ज्यादा परीक्षाओं में छात्रों को पास करवा चुके हैं। पूछताछ में हरिद्वार से गिरफ्तार हुए राव गुड्डू ने बताया कि वह आजतक किसी भी एग्जाम में नहीं बैठा है।
यूपी समेत कई राज्यों से जुड़े हैं गिरोह के तार
cheating in uapmt examination
- फोटो : amar ujala
उनके नाम पर किसी और ने यूएपीएमटी एग्जाम दिया था, जिसके बाद वह ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज में बीएएमएस का छात्र है। इसी प्रकार, बहादराबाद से गिरफ्तार किए गए दीपक कुमार भी हरिद्वार से बीएएमएस कर रहा है, जिसका सलीम ने किसी से फर्जी पेपर दिलवाकर एडमिशन कराया था। सलीम भी इस गैंग का सदस्य है। आज तक कहीं भी यह मुन्नाभाई पकड़ में नहीं आ पाए थे।
फर्जी परीक्षा देते हुए यह जो गिरोह पकड़ में आया है, उससे पूछताछ में कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। गिरोह के तार यूपी सहित कई राज्यों से जुड़े हैं। इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर संबंधित राज्यों की एसटीएफ को दी जाएगी। इसके अलावा धांधलेबाजी के लिए गोपनीय पत्र आयुर्वेद विवि को भेजा जा रहा है।
-डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, देहरादून