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वर्दीवाला ठग गिरफ्तार, पुलिस को किया था पकड़ने का चैलेंज

Tue, 09 Aug 2016 04:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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पकड़ा गया ठग विनोद कुमार शर्मा - फोटो : AmarUjala
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खुद को यूपी पुलिस में दारोगा बताने वाला ठगी का उस्ताद वीके शर्मा देहरादून पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसी शातिर ने पुलिस को चैलेंज किया था कि हिम्मत है तो पकड़कर कर दिखाओ। पुलिस के अनुसार उसने उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में करीब 1200 घटनाओं को अंजाम देने की बात कबूल की है। वीके शर्मा ने पुलिस की मौजूदगी में लोगों को ठगने के तरीके का डेमो भी दिखाया। यह ठग अपने बेटे की मदद से देहरादून में आठ बुजुर्गों से कई लाख के जेवर ठग कर फरार हो गया था। उसके पास पूरा माल बरामद हो गया है।
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देहरादून में 28 जुलाई को अलीगढ़ जिले के रामघाट राजनगर निवासी विनोद कुमार शर्मा ने अपने बेटे विवेक शर्मा के साथ मिलकर दो घंटों में आठ बुजुर्गों से सोने के जेवरात ठग कर सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने चौबीस घंटे में विवेक शर्मा को साथी सर्राफ के साथ दबोच लिया था। उस दिन शर्मा पुलिस को चकमा देने में कामयाब हो गया था।

अलीगढ़ स्थित आवास पर दबिश दी गई तो पता चला कि शर्मा ने अपने घर पर यूपी पुलिस के दारोगा की नेम प्लेट लगा रखी थी। आरोपी खुद को यूपी पीएचक्यू में दारोगा बताता था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि एसओजी और क्लेमेंटटाउन पुलिस ने वीके शर्मा को चंद्रबनी तिराहे से गिरफ्तार कर लिया। ठगी के जेवर के साथ उसके पास से यूपी सब इंस्पेक्टर की वर्दी, स्टार, बैच, नेम प्लेट के अलावा फर्जी तरीके से बनाया गया परिचय पत्र भी मिला है।
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पुलिस फोर्स के सामने ही एसओजी प्रभारी को ठगा 

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एसओजी प्रभारी ने उससे ठगी का तरीका पूछा तो आरोपी विनोद ने पूरी पुलिस फोर्स के सामने अपनी बातों का जादू चलाते हुए एसओजी प्रभारी अशोक राठौड़ की अंगूठी उतरवा ली। आरोपी ने बताया कि यदि राठौड़ ऐसे नहीं मानते तो ठगने का दूसरा रास्ता अख्तियार करता। एसएसपी ने बताया कि आरोपी 2003 में देहरादून में पकड़ा गया था। इसके अलावा मेरठ, कानपुर, बरेली, रामपुर, मुरादाबाद, सहारनपुर, हरिद्वार में ठगी की घटनाएं अंजाम दे चुका है।

फ र्जी तरीके से पुलिस की वर्दी पहनकर घूमने के आरोप में भी विनोद शर्मा के खिलाफ  क्लेमेंटटाउन थाने में धोखाधड़ी की धाराओं में एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह और एएसपी तृप्ति भट्ट इस दौरान मौजूद रही। 

कई करोड़ की संपत्ति का मालिक
ठगी का उस्ताद कई करोड़ की संपत्ति का वारिस है। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने बताया कि वीके शर्मा के तीन आवास होने के साथ पांच प्लाट भी हैं। यह संपत्ति गैर कानूनी ढंग से अर्जित की गई है। ठग के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर संपत्ति को जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस में भर्ती नहीं हो पाया, खुद बन गया दारोगा

पु‌ल‌िस
हाईस्कूल फेल वीके शर्मा को बचपन से पुलिस में जाने का शौक रखता था, लेकिन भर्ती नहीं हो सका। पुलिस हिरासत में वीके शर्मा ने बताया कि उसके कई रिश्तेदार पुलिस में हैं, जबकि एक रिश्तेदार तो यूपी के एक जिले में एडीएम भी हैं। हालांकि उसकी करतूत से उनका कोई लेना-देना नहीं है। 

चोर का बेटा चोर ही बनेगा
ठग वीके शर्मा ने बेटे को पढ़ाने के  बजाय इस धंधे में उतारने के सवाल पर शर्मा ने टका सा जवाब दिया। साहब चोर का बेटा चोर ही तो बनेगा। बीते 13 साल से वह पकड़ा नहीं जा सका है, क्याेंकि अधिकतर घटनाएं दर्ज नहीं होती थी। 

पुलिस टीम को पुरस्कृत
एसएसपी ने एसओजी प्रभारी अशोक राठौड़, एसओ क्लेमेंटटाउन नरेश राठौड़, उप निरीक्षक राजेन्द्र पुजारा, कांस्टेबल सुनील कुमार, पंकज कुमार, भगवान सिंह, प्रमोद कुमार, ललित कुमार, देवेन्द्र कुमार, अरशद अली और आशीष को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
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