बदमाशों के एक गिरोह ने मकान में धावा बोला। पहले उन्होंने परिवार के सभी लोगों को बंधक बनाया फिर उन पर पलंग के गद्दे डाल दिए। इसके बाद ऐसा काम किया, जिसे वे जिदंगी भर नहीं भूल पाएंगे...
घटनाक्रम के मुताबिक, भगवानपुर थानांतर्गत जहाजगढ़ गांव निवासी नरेशपाल पुत्र टीकाराम का गांव के बाहर की ओर से घर है। घर में ही नरेशपाल ने चाय की दुकान खोली हुई है। उसी से अपने परिवार गुजर बसर करता है। घर के उसके अलावा उसकी पत्नी सुशीला और 16 वर्षीय बेटा कमल रहता है।
उत्तर प्रदेश के शामली के रंगाड़ा गांव से आकर नरेशपाल यहां आकर बसा है। उसका एक साला जसबीर भी उनके साथ रहता है। लेकिन वह कहीं बाहर गया हुआ था। सोमवार अलसुबह करीब तीन बजे हथियारबंद आठ बदमाश उनके घर में घुस आए।
बधंक बनाया फिर उनके ऊपर डाल दिए पलंग के गद्दे
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बदमाशों ने तमंचे आदि तानकर नरेश पाल, उसकी पत्नी और बेटे को उठाया। नरेशपाल ने बदमाशों का विरोध करने प्रयास किया तो बदमाशों ने उससे मारपीट की। बदमाशों ने गोली मार देने की धमकी देते हुए उन्हें चुपचाप रहने को कहा। इसके बाद उनके ऊपर पलंग पर पड़े गद्दे डाल दिए।
इसके बाद बदमाशों ने पूरे घर को खंगाला। घर में रखे सोने चांदी के जेवर, नकदी और कपड़े आदि बदमाशों ने लूट लिए। करीब एक घंटे तक बदमाश मौके पर रहे। इसके बाद परिवार के लोगों धमकी देते हुए बाहर से दरवाजा बंद कर मौके से फरार हो गए।
सुबह के समय गांव के दो युवक टोनी और जुगनु घूमने के लिए गांव के बाहर की ओर से आए तो उन्होंने नरेशपाल और उसके परिवार के लोगों की आवाज सुनी। इस पर वह उसके घर पर पहुंचे। दरवाजा आदि खोलकर उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद नरेशपाल ने पूरी घटना उन्हें बताई।
घटना के पीछे हरा कच्छा गिरोह की आशंका
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गांव में चंद मिनटों में ही यह खबर आग की तरह से फैल गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंच गए। मामले की जानकारी पाकर भगवानपुर थानाध्यक्ष भगवान मेहर पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी ली और बदमाशों की तलाश शुरू कराई।
डकैती की जानकारी पाकर एसएसपी हरिद्वार कृष्ण कुमार वीके और एसपी देहात मणिकांत मिश्रा आदि भी मौके पर पहुंचे। नरेश पाल ने पुलिस को बताया कि बदमाशों की संख्या करीब आठ थी। बदमाश 10 तोले के सोने-चांदी के गहने, 40 हजार रुपये की नकदी और नये कपड़े आदि अपने साथ ले गए हैं। घटना को लेकर ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
नरेशपाल के घर पर जिन बदमाशों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया है। उसमें शातिर गिरोह का हाथ होने की आशंका है। नरेशपाल के मुताबिक बदमाश हरा कच्छा पहने हुए थे। इस बात से पुलिस को लग रहा है कि घटना को अंजाम देने वाले बदमाश किसी बड़े गिरोह से जुड़े हैं।
छोटे ठाकुर और बड़े ठाकुर थे सभी बदमाश
पीड़ित नरेशपाल ने बताया कि डकैती डालने वाले बदमाश किसी का नाम नहीं ले रहे थे। वह बस एक दूसरे छोटे ठाकुर और बड़ा ठाकुर कहकर ही बुला रहे थे। उनकी भाषा भी अलग ही थी। सभी बदमाशों की उम्र करीब 30-32 साल थी। हालांकि एक बदमाश की उम्र 40-45 साल थी। जो गिरोह का सरदार लग रहा था। सभी बदमाश उसका कहना मान रहे थे।