उत्तराखंड के गदरपुर में सिपाही बसंत बोरा को कुचलने के आरोपी गैंग के सरगना भूरा को मुरादाबाद पुलिस की भरपूर शह थी।
भूरा वारदात को अंजाम देने के बाद मूढ़ापांडे में ही छिपा रहा, लेकिन खास मुखबिर होने की वजह से यूपी पुलिस ने उसको गिरफ्तार करने की जहमत तक नहीं उठाई। जब दबाव बढ़ा तो मूढ़ापांडे पुलिस ने नाटकीय ढंग से भूरा को चरस के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
यूस नगर पुलिस जेल गए भूरा को बी वारंट पर लाने की तैयारी कर रही है। मुरादाबाद पुलिस के असहयोगात्मक रवैये से निराश एसएसपी यूपी पुलिस के आला अधिकारियों को पत्र भेज रहे हैं। मामले में अभी तीन और आरोपी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश में जुटी है।
बता दें कि 12 दिसंबर की रात गदरपुर में पशु तस्करों ने सिपाही बसंत बोरा की पिकप से कुचलकर हत्या कर दी थी। लगातार छानबीन के बाद वारदात के पीछे भूरा गैंग की संलिप्तता का पर्दाफाश हुआ था। लेकिन गैंग सरगना भूरा मुरादाबाद पुलिस का खासमखास मुखबिर निकला।
मुखबिरी की आड़ में वह पशु तस्करी में शामिल दूसरे गिरोह को पकड़वाता और अपना धंधा चलाता था। सिपाही को कुचलने की वारदात अंजाम देने के बाद भूरा मूढ़ापांडे में ही छिपा रहा। मूढ़ापांडे और कटघर पुलिस ने भूरा गैंग को पकड़ने पहुंची यूएस नगर पुलिस का सहयोग नहीं किया। पकड़ना तो दूर भूरा के बारे में जानकारी तक होने से इनकार कर दिया गया।
यूएस नगर पुलिस टीम को दबिश के नाम पर इधर-उधर घुमाकर गुमराह किया गया। जब निचले स्तर के कुछ पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो मुरादाबाद पुलिस के आला अधिकारियों से संपर्क साधा गया। जिसके बाद शुक्रवार रात कटघर में मुठभेड़ में वारदात में लिप्त तीन बदमाशों को पकड़ा गया।
जिस बदमाश की मुरादाबाद और यूएस नगर जिले की पुलिस को तलाश थी, वो मूढ़पांडे में ही चैन की नींद सो रहा था। जब मुरादाबाद पुलिस पर दबाव बढ़ा तो रविवार की रात ढाई सौ ग्राम चरस के साथ मूढ़ापांडे की पुलिस ने भूरा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
इधर, एसएसपी केवल खुराना मुरादाबाद पुलिस की कार्यप्रणाली से बेहद खफा हैं। उन्होंने बताया कि मुरादाबाद पुलिस के कुछ लोगों ने उनकी मदद तो दूर अपराधियों की मदद की, जिसके प्रमाण उनके पास मौजूद हैं। इस संबंध में वह यूपी के आला पुलिस अधिकारियों को पत्र भी भेज रहे हैं।