इससे पहले यात्री बदमाश को पकड़ पाते वह चलती ट्रेन से कूदकर भाग निकला। पीड़ितों ने लक्सर सहित अन्य पांच स्टेशनों की जीआरपी पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की।
लेकिन हर जगह पुलिस ने टरका दिया। पीड़ितों में एक देहरादून और एक इटावा निवासी है।
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घटनाक्रम के अनुसार सत्या कालोनी देहरादून निवासी गोविंद राम अपनी पत्नी जमुना देवी के साथ हरिद्वार आ रही संगम एक्सप्रेस के कोच संख्या बी सात में इलाहाबाद से सवार हुए।
वहीं, श्याम नगर इटावा निवासी रवि तोमर इटावा से अपनी पत्नी उपासना के साथ हरिद्वार के लिए कोच की बर्थ संख्या 63 में सवार हुए। ट्रेन बृहस्पतिवार सुबह तकरीबन साढ़े चार बजे अलीगढ़ स्टेशन पहुंची।
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जैसे ही ट्रेन यहां से चली, एक युवक ने जमुना देवी व उपासना के हाथ से पर्स छीन लिए। छीना झपटी के दौरान पर्स की बेल्ट टूट गई। इस पर महिलाओं ने शोर मचाना शुरू कर दिया और यात्रियों में अफरातफरी मच गई।
इसी बीच चोर चलती ट्रेन से कूदकर भाग निकला। यात्रियों ने चेन खींच कर ट्रेन रोकनी चाही, लेकिन चेन ने काम नहीं किया। बाद में ट्रेन के चंदौसी पहुंचने पर पीड़ितों ने मामले की तहरीर जीआरपी को दी।
जीआरपी ने मामला गुमशुदगी में दर्ज करने की बात कही, पर पीड़ित नहीं मानें। बाद में ट्रेन के मुरादाबाद पहुंचने पर पीड़ितों ने अन्य यात्रियों के साथ मिलकर मामले की जानकारी जीआरपी को दी।
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आरोप है कि मुरादाबाद जीआरपी ने अलीगढ़ जीआरपी से बात कर मामले दर्ज करने की बात कह पीड़ितों को टरका दिया। इसके बाद ट्रेन से लक्सर पहुंचने पर यहां जीआरपी पुलिस ने हरिद्वार में मामला दर्ज कराने की बात कही।
लेकिन हरिद्वार जीआरपी में भी यही हुआ। पीड़ितों ने बताया कि हरिद्वार जीआरपी पुलिस ने मामला अलीगढ़ का कहकर पल्ला झाड़ लिया। बाद में पीड़ितों को बिना मामला दर्ज कराए ही चले गए।
ये था पर्स में
घटना की शिकार यात्री उपासना तोमर ने बताया कि उनके पर्स में दो हजार नगद, मंगल सूत्र, कान के कुंडल, मोबाइल व वोटर आईडी कार्ड था। जमुना देवी के पर्स में पंद्रह सौ रुपए नगद, आधार कार्ड व एक चेक था।
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रिपोर्ट दर्ज करना हमारा काम है। हम लोगों की सेवा के लिए बैठे हैं। लेकिन इस तरह की किसी घटना का शिकार कोई यात्री हमारे पास नहीं आया है।
- केएम भंडारी, जीआरपी थाना प्रभारी, लक्सर