युवती की हत्या के दोषी को अदालत ने आजीवन कारावास एवं पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर दोषी को एक महीने का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। मामला वर्ष 2013 का मसूरी थाना क्षेत्र का है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, दीपक शर्मा निवासी चोपड़ा कॉलोनी जिला सोनीपत युवती को अपने साथ मसूरी ले गया। आरोप है कि जहां जहर देकर युवती की हत्या कर दी। परिजनों ने युवती के घर से सात हजार रुपये, गले की चेन, लॉकेट, सोने की अंगूठी आदि सामान भी गायब होने का आरोप लगाया।
चार मई 2013 को युवती घर से कंप्यूटर सेंटर के लिए निकली, लेकिन लौटी नहीं। उसके घर से गायब होने के बाद परिजनों को आरोपी का फोन आया कि युवती ने कुछ खा लिया है, वह अब कभी बात नहीं कर पाएगी। तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश शमशेर अली की अदालत में हुई सुनवाई में अभियोजन की ओर से आरोप को साबित करने के लिए 12 गवाह पेश किए गए।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी व्यक्ति युवती को अस्पताल में भर्ती कराकर भाग गया। 15 मई 2013 को उसे पुलिस ने गिरफ्तार किया। बचाव पक्ष की ओर से मामले को झूठा बताया गया। अदालत ने दोनो पक्षों को सुनने के बाद आरोपी को दोषी पाते हुए उसे सजा सुनाई।