हल्द्वानी के चर्चित लाडली हत्याकांड प्रकरण के तीनों आरोपियों को प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश कुमार गुप्ता की अदालत ने बुधवार को 48 घंटे की पुलिस रिमांड में भेजे जाने की स्वीकृति दे दी।
48 घंटे की पुलिस रिमांड मंजूर
20 नवंबर को विवाह समारोह के दौरान शीशमहल हल्द्वानी से लाडली लापता हो गई थी। उसका शव मिलने पर बलात्कार की भी पुष्टि हुई।
इस मामले में 27 नवंबर को मुख्य आरोपी अख्तर अली उर्फ समीम-राज-राजू उस्ताद पुत्र मकसूद अली अंसारी निवासी थाना मुफसिल बेतिया पश्चिमी चंपारण बिहार, जबकि अगले दिन अन्य आरोपी प्रेमपाल वर्मा (24) पुत्र लक्ष्मण प्रसाद निवासी जहानाबाद पीलीभीत एवं जूनियर मसीह उर्फ फौक्सी (30) पुत्र हारुन मसीह निवासी फंटोका रुद्रपुर को गिरफ्तार किया गया।
आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376, 302, 363, 201 एवं पाक्सो के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल में बंद आरोपियों की पुलिस रिमांड के लिए विवेचक विपिन चंद्र पंत की ओर से जिला न्यायालय में 5 दिन की पुलिस रिमांड के लिए आवेदन किया गया।
न्यायालय ने 48 घंटे की पुलिस रिमांड को स्वीकार करते हुए आगामी पांच दिनों के अंदर रिमांड लेने को कहा है। कोर्ट ने रिमांड से पूर्व एवं बाद का चिकित्सा परीक्षण कराने के भी निर्देश दिए गए। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी सुशील शर्मा एवं एडीजीसी नरेंद्र नेगी ने कहा कि रिमांड के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना से संबंधित कई साक्ष्य जुटाए जाने हैं।
एसओ काठगोदाम राजेश यादव को हटाया
लाडली हत्याकांड और सीएम की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर एसओ काठगोदाम राजेश यादव को हटाकर पुलिस आफिस से अटैच कर दिया गया है। उनकी जगह हरिद्वार से आए नरेश चौहान को चार्ज दिया है। नरेश चौहान पहले भी एसओ काठगोदाम रह चुके हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार राजेश यादव पर गाज गिरना पहले ही तय था, मगर अधिकारी सिर्फ कुछ वक्त बीतने का इंतजार कर रहे थे। लाडली के थाने से कुछ ही दूरी पर मृत पड़े होने के बाद एसओ राजेश यादव पर लापरवाही के आरोप लगे थे। इसके बाद लगातार काठगोदाम क्षेत्र में कई दिनों तक खराब रही कानून व्यवस्था की स्थिति ने उनका जाना तय कर दिया था।