सात साल पहले दो बेटियों की हत्या के मामले में पिता और उसके तीन साथियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच-पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
अदालत ने माना कि चारों लोगों ने दोनों लड़कियों को गला घोंटकर मार डाला था। अभियुक्तों को कार से ले जाने वाले चालक को भी शव छिपाने का दोषी माना है। चालक को सात साल की सजा के साथ दो हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
एडीजीसी नवीन चंद्र जोशी के मुताबिक 15 अक्तूबर 2008 को नैना गांव में पहाड़ी के नीचे दो लड़कियों के शव मिले थे। समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद 19 अक्तूबर को यूपी के रामपुर जिले के नगलिया अजीमनगर निवासी मुश्ताक अली ने दोनों शवों की शिनाख्त अपनी बेटियों के रूप में की। पिता ने घटना के बाबत तल्लीताल थाने में धारा 302, 201 के तहत हत्या और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया।
तहरीर में बताया था कि उसकी दो बेटियां शहनाज और राशिदा दो अक्तूबर को अपने ननिहाल बिलासपुर गई थी। इसके बाद उनका पता नहीं चला। मामले में पिता ने शक जताया कि हत्या उनके गांव के बब्बू कुरैशी और शमशाद ने की है।
कहा, बदचलन थीं इज्जत बचाने के लिए मार दिया
जांच में विवेचक ने पाया कि घटना को पिता के अलावा चार अन्य याकूब, नफीस, बब्बू कुरैशी, चालक मुजम्मिल ने अंजाम दिया था। पिता के साथ चारों लोग छह अक्तूबर को कार से नैना गांव गए थे। कार मुजम्मिल चला रहा था। अभियुक्तों की निशानदेही पर लड़कियों की चप्पलें और टोपी भी बरामद की गईं।
पुलिस के समक्ष पिता ने आरोप लगाया कि उनकी दोनों बेटियां बदचलन हो गई थीं। अपनी इज्जत बचाने के लिए उसने मारने की योजना बनाई थी। विवेचक ने पांचों अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की।
एडीजीसी ने अदालत में तर्क दिया कि पिता ने बेटियों के लापता के बाद किसी थाने में गुमशुदगी दर्ज नहीं कराई। पिता को लोगों ने नैना गांव में कार से जाते हुए भी देखा था। इस मामले में उन्होंने अदालत में 13 गवाह पेश किए।
नशीला पदार्थ पिलाया फिर दुपट्टे से घोट दिया गला
अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद चालक मुजम्मिल को धारा 201 के तहत सात साल की सजा और दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अन्य अभियुक्तों पिता मुस्ताक अली, याकूब, नफीस और बब्बू कुरैशी को धारा 302, 201 के तहत दोषी पाते हुए आजीवन कारावास के साथ पांच पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया।
ऐसे मारी गई दोनों बहनें
अभियोजन पक्ष के मुताबिक दोनों बहनों शहनाज और राशिदा को पिता यह बहाना बनाकर कार में बैठाकर लाया था कि उनका रिश्ता हल्द्वानी में कराने जा रहा है। योजना के तहत पिता ने नैनीताल में दोनों को चाय में नशीला पदार्थ पिला दिया।
बेहोश होने पर कार में दुपट्टे से गला घोंटकर पिता सहित चारों अभियुक्तों ने दोनों को मार डाला और शवों को नैना गांव के समीप पहाड़ी के नीचे फेंक दिया था।