विजिलेंस टीम ने शुक्रवार को ड्यूटी के समय घर पर निजी प्रैक्टिस करते काशीपुर सरकारी अस्पताल के सीएमएस डॉ. भुवन चंद्र जोशी को गिरफ्तार किया है। टीम ने मरीज द्वारा दी गई साढ़े तीन सौ रुपए फीस डाक्टर से बरामद की।
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आवास की तलाशी लेने पर टीम ने 6,99,711 रुपए नगद, लॉकर में 18 तोला सोना और परिजनों के 17 खातों में 22 लाख रुपए जमा होना पाया है। अब तक की जांच में कुल 50 लाख की संपत्ति का पता चला है। इस मामले में सीएमएस के पैतृक घर की तलाशी लेने के लिए पुलिस टीम पिथौरागढ़ गई है।
विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट ने पत्रकारों को बताया कि यूपी के ठाकुरद्वारा क्षेत्र शरीफनगर मुनीमपुर निवासी पूर्व प्रधान गिरिवर सिंह ने सात अप्रैल को उनके कार्यालय आकर एक शिकायती पत्र दिया। बताया कि काशीपुर के सीएमएस डॉ. भुवन चंद्र जोशी सीने के दर्द की जांच के लिए अवैध रूप से 350 रुपए फीस मांग रहे हैं।
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पंकज भट्ट ने इस शिकायत की जांच निरीक्षक उत्तम सिंह जिमिवाल से कराई तो आरोप सही पाए गए। इस मामले में ट्रैप टीम गठित कर दो सरकारी गवाह पुलिस ने लिए। शुक्रवार सुबह अस्पताल ड्यूटी के समय सीएमएस अपने आवास पर थे। मरीज गिरिवर ने जैसे ही सीएमएस को 350 रुपए फीस दी, ट्रैप टीम ने डाक्टर को गिरफ्तार कर लिया।
50 लाख की संपत्ति का पता चला
पकड़े गए कार्डियोलाजिस्ट डॉ. भुवन चंद्र जोशी 18 साल से एलडी भट्ट राजकीय चिकित्सालय काशीपुर में तैनात हैं और करीब एक साल से सीएमएस का काम देख रहे हैं। विजिलेंस टीम ने तलाशी के दौरान उनके आवास से 6,99,711 रुपए नगद, तीन बैंक एटीएम, वीजा कार्ड, पुत्र परितोष के नाम पर 18 हजार मूल्य के 15 बांड, 2.70 लाख रुपए नकद, चांदी के दो गिलास बरामद किए।
इसके अलावा, पत्नी एवं पुत्रियों के नाम से विभिन्न बैंकों और पोस्ट आफिस के खातों में 22 लाख पाए गए। एसबीआई के लॉकर में 18 तोला सोना और चार लाख रुपए नगद मिले। विजिलेंस निरीक्षक ने भ्रष्टाचार की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
टीम में ट्रैप प्रभारी उत्तम सिंह जिमवाल, निरीक्षक डीआर आर्या, कांस्टेबल इसरार नवी, अब्दुल माजिद आदि शामिल थे जिन्हें विजिलेंस के डीजी एसके भगत ने 15 हजार रुपए का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
प्रतिदिन देखते थे 50 मरीज विजिलेंस के पुलिस अधीक्षक पंकज भट्ट ने बताया कि गिरफ्तार सीएमएस अस्पताल के अलावा आवास विकास स्थित अपने मकान पर रोज 50 मरीज देखते थे। शिकायत थी कि डॉ. भुवन चंद्र जोशी सरकारी अस्पताल की ड्यूटी करने में रुचि नहीं दिखाते थे।
विभाग के डॉक्टर ने फंसाया: सीएमएस
गिरफ्तार सीएमएस डॉ. बीसी जोशी का कहना है कि प्रदेश में उनके अलावा सिर्फ देहरादून में ही कार्डियोलॉजिस्ट है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार डॉक्टर अपने घर पर मरीज को देख सकता है। इसी कारण वह मरीज गिरिवर सिंह को अपने आवास में देख रहे थे। जैसे ही टेबल पर फीस की राशि 350 रुपए रखी तो विजिलेंस टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने गिरफ्तारी के पीछे विभाग के डॉक्टर राजीव का हाथ होने का आरोप लगाया।
बताया जा रहा है कि काशीपुर के अस्पताल में दो डॉक्टरों सिरोई और डॉ. राजीव चौहान के बीच प्रैक्टिस को लेकर विवाद हुआ था। डॉ. राजीव पर डॉ. विकास गहलौत ने भी आरोप लगाए थे। उन्हें शिकायत मिली थी कि राजीव कथित तौर पर दूसरे डॉक्टरों के मरीज को देखते हैं। इस पर उन्होंने डॉ. राजीव से स्पष्टीकरण मांगा और उच्चाधिकारियों को विवाद की सूचना दी थी।
इधर डॉ. राजीव जूनियर रहते हुए अस्पताल का पूरा प्रभार चाहते थे। विवाद को लेकर डॉ. राजीव धरने पर बैठे थे। किसी प्रकार एसडीएम के कहने पर वह धरने से उठे। इस मामले में भी उन्होंने उच्चाधिकारियों से जांच कर कार्रवाई करने के लिए लिखा था।
प्रधानाचार्य, सिपाही और सीएमएस को पकड़ने के बाद अब विजिलेंस के एसपी पंकज भट्ट चौका लगाने की फिराक में हैं। उनके रडार में दो और भ्रष्टाचारी हैं, जिनके खिलाफ विजिलेंस टीम गोपनीय जांच कर रही है।
करीब छह घंटे चली कार्रवाई विजिलेंस टीम ने सुबह 8.45 बजे प्रभारी सीएमएस डॉ. बीसी जोशी को रुपए लेते रंगे हाथ पकड़ा। इसके बाद अन्य अभिलेखों की जांच चलती रही। टीम 11.25 बजे डा. जोशी और उनकी पत्नी के साथ आवास विकास स्थित निजी आवास पहुंचे। आवास से जांच पूरी होने के बाद 12.25 बजे रामनगर रोड स्थित भारतीय स्टेट बैंक कृषि विकास शाखा पहुंचे। जहां से टीम दोपहर 2.48 बजे बाहर निकली।
पूर्व में विजिलेंस ने की थी रेकी सात अप्रैल को शिकायत प्राप्त होने के बाद ट्रैपिंग प्रभारी उत्तम सिंह जिमवाल आठ अप्रैल को कुर्ता पायजामा व टोपी पहनकर सरकारी अस्पताल पहुंचे। जहां उन्होंने अस्पताल से लेकर सरकारी आवास तक पूरी नजर रखी। शिकायत से संतुष्ट होने के बाद ही शुक्रवार को कार्रवाई की गई।