बहुचर्चित अपर सचिव जेपी जोशी यौन शोषण प्रकरण में ब्लैकमेलिंग की आरोपी युवती और संजय बैनर्जी की अपर जिला जज प्रथम हरीश कुमार गोयल की अदालत ने बृहस्पतिवार को जमानत याचिका मंजूर कर दी। दोनो आरोपी पिछले दो साल से न्यायिक अभिरक्षा में हैं।
यौन शोषण प्रकरण में बसंत विहार पुलिस ने अपर सचिव जेपी जोशी की शिकायत पर युवती और पत्रकार संजय बैनर्जी सहित कई लोगों के खिलाफ ब्लैकमेलिंग और षडयंत्र सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। कोर्ट से इस मामले में संयुक्त सचिव सुमन सिंह वल्दिया, शाहिनी मेक खान, अमित गर्ग को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
वही बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम की अदालत ने युवती और संजय बैनर्जी की जमानत याचिका मंजूर कर दी। युवती और पत्रकार संजय बैनर्जी के अधिवक्ता मयंक प्रसाद पांडे ने अदालत को कहा कि दोनों के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। अपराध मजिस्ट्रेट ट्रायल है, आरोप लगने के दो महीने में विचारण समाप्त नहीं होता तो अदालत अभियुक्तों को जमानत दे सकती है।
बता दे कि पूर्व में ब्लैकमेलिंग की आरोपी युवती ने अपर सचिव जेपी जोशी के खिलाफ नौकरी व जमीन दिलाने के नाम पर यौन शोषण का आरोप लगाते हुए दिल्ली में जीओ एफआईआर दर्ज कराई थी।
पूर्व में यहां से खारिज हो चुकी याचिका
आरोपी संजय बैनर्जी की पूर्व में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट से भी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। अब एडीजे प्रथम की अदालत से उन्हें जमानत मिली।
युवती ने नाटकीय अंदाज में किया था सरेंडर
वर्ष 2013 में इस प्रकरण में आरोपी युवती ने नाटकीय अंदाज में कोर्ट में सरेंडर किया था। वकील का काला कोट पहने युवती कोर्ट में कुछ वकीलों के साथ न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय रिंकी साहनी की अदालत में पहुंची थी।
कोर्ट में पहुंचते ही उसने कोट निकाला और इससे पहले की कोई कुछ समझता उसने सफेद रंग की चुन्नी से अपना चेहरा ढक लिया था। कोर्ट कर्मचारी ने टोका कि ये कौन है। तब पता चला कि ये पीड़िता और ब्लैकमेलिंग की आरोपी युवती है।