अनुसूचित जाति की महिला के साथ छेड़छाड़ एवं मारपीट के तीन साल पुराने एक मामले में दोष सिद्ध होने पर सत्र न्यायाधीश ने अभियुक्त को एक वर्ष कठोर कारावास एवं ढाई हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
मार्च 2011 में नौगांव प्रखंड के अंतर्गत अनुसूचित जाति की एक महिला ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में गांव के ही अजयपाल पर घर में घुस कर छीनाझपटी और मारपीट का आरोप लगाया था।
कोर्ट में दिखाया गया मेडिकल
मामले में पटवारी चौकी तियां में मुकदमा दर्ज किया गया। जिसकी विवेचना पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट द्वारा की गई। शासकीय अधिवक्ता हुकम सिंह रावत ने इस मामले में पीड़िता की पैरवी करते हुए न्यायालय में सात गवाह तथा पीड़िता का मेडिकल आदि साक्ष्य परीक्षित कराए।
दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद विशेष सत्र न्यायाधीश राजेंद्र सिंह ने अभियुक्त अजयपाल को दोषी पाते हुए सजा सुनाई।
इन धाराओं में सजा
इस मामले में अभियुक्त को भादंसं की धारा 323 में छह माह कारावास एवं 500 रुपये जुर्माना, 354 में एक साल कारावास एवं 500 रुपये जुर्माना, 504 में छह माह कारावास एवं 500 रुपये जुर्माना तथा एससी एसटी एक्ट में एक वर्ष कारावास एवं एक हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई।