रामनगर के तांत्रिक की हत्या का खुलासा पुलिस ने कर दिया है। मुखबिरी कर जेल भिजवाने का बदला लेने के लिए उसके ही साथियों ने तांत्रिक की हत्या की थी। क्राइम ब्रांच ने घटना का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस ने उनके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त तमंचा व चाकू बरामद किया है। पकड़े गए तीनों आरोपी आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। शहजादनगर थाना क्षेत्र के उदयराज की मडैया गांव में 16 जुलाई की रात में एक लाश मिली थी।
मृतक को गोली मारी गई थी साथ ही उसकी गर्दन भी काटी गई थी। बाद में पुलिस ने उसकी शिनाख्त नैनीताल के रामनगर थाना क्षेत्र के मालदन गांव निवासी रमेश पाल सिंह पुत्र छोटे लाल के रूप में हुई थी।
पुलिस ने मामले की तफ्तीश और आरोपियों को पकड़ने का जिम्मा क्राइम ब्रांच को सौंपा था। क्राइम ब्रांच को इसमें सफलता मिल ही गई। सीओ क्राइम डा. तेजवीर सिंह एवं एसओ शहजादनगर सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
तीनों आरोपियों को एसपी उमेश कुमार सिंह के सामने पेश किया गया, जहां पूछताछ के बाद एसपी ने बताया कि रमेश पाल तांत्रिक का काम करता था। पकड़े गए शहजादनगर थाना क्षेत्र के भंडपुरा गांव निवासी असलम, आसिफ व ऊधमसिंह नगर के खेड़ा कालोनी निवासी नरेश रमेश को कई साल से जानते थे।
दोनों मिलकर लोगों के साथ ठगी किया करते थे। रमेश ने नरेश, असलम व उनके साथियों की काशीपुर पुलिस से मुखबिरी की और फिर उन्हें पुलिस ने अवैध असलह रखने के आरोप में जेल भेज दिया। जेल से छूटने के बाद से असलम व नरेश दोनों ही रमेश से बदला लेना चाहते थे।
15 जुलाई की रात में नरेश ने रमेश को फोन किया और उसे एक काम का लालच दिया। वह लालच में आ गया और फिर रमेश नरेश के साथ रुद्रपुर से अपनी बाइक से दनियापुर के जंगल में आ गया। जहां तीनों ने मिलकर रमेश की हत्या कर दी।
एसपी के मुताबिक असलम ने तमंचे से गोली चलाई थी, जबकि आसिफ ने उसकी गर्दन पर हमला किया था। एसपी ने इस सफलता पर क्राइम ब्रांच की टीम को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
दो लाख के लालच में गई रमेश की जान
रामपुर। हत्यारोपियों ने बदला लेने के लिए रमेश को दो लाख रुपये का काम दिलाने का लालच दिया। आरोपियों के इस जाल में रमेश फंस गया और फिर उसका कत्ल हो गया। यह सभी मिलकर तंत्र मंत्र के नाम पर ठगी का काम किया करते थे।
तीनों अपराधी शातिर
एसपी उमेश कुमार सिंह के मुताबिक नरेश पर हत्या, जानलेवा हमला करने समेत आठ, असलम पर हत्या समेत तीन मुकदमे चल रहे हैं। जबकि, आसिफ पर पहला मुकदमा दर्ज है। नरेश पर उत्तराखंड पुलिस ने भी कई मुकदमे कायम किए हैं।