विजिलेंस टीम ने मंगलवार रात वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर (मोबाइल यूनिट) दीपक बृजवाल को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस टीम ने आफिस से पत्रावली खंगालने के साथ उनके आवास की तलाशी ली। संपत्ति की जांच के लिए देर रात तक कार्रवाई चलती रही।
विजिलेंस के डायरेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि एक बिजनेस मैन ने विजिलेंस में शिकायत दर्ज कराई थी कि आनलाइन शॉपिंग कंपनी फ्लीप कार्ट के माध्यम से हर माह दिल्ली से उसका माल आता है।
आरोप है कि वाणिज्य कर के डिप्टी कमिश्नर दीपक बृजवाल आशारोड़ी बैरियर पर उनके ट्रक को रोककर एक लाख रुपये की मांग कर रहे थे। हाल में ही अधिकारी ने 11 लाख रुपये देने की डिमांड की थी। न देने पर कर चोरी मामले में कार्रवाई की धमकी दी जा रही थी।
सौदा तय होने पर मांगी थी दो लाख पेशगी
घूस लेते हुए गिरफ्तार
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सौदा तय होने पर डिप्टी कमिश्नर ने दो लाख रुपये की पेशगी मांगी थी। डायरेक्टर ने बताया कि शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराई गई तो आरोप की पुष्टि हुई। टीम गठित कर शाम से ही घेराबंदी कर ली गई थी।
डिप्टी कमिश्नर दीपक बृजवाल ने बिजनेस मैन को दो लाख रुपये लेकर रात में विधानसभा रोड पर बुलाया था। कार में दो लाख रुपये लेते हुए डिप्टी कमिश्नर को विजिलेंस टीम ने दबोच लिया।
गुमराह किए जाने के कारण टीम को उनका आवास ढूंढने में काफी देर मशक्कत करनी पड़ी। डायरेक्टर अशोक कुमार ने बताया कि भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ मुहिम जारी रहेगी। बता दे कि शुक्रवार को विजिलेंस ने लेफ्टिनेंट कर्नल को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था।