अवैध संबन्धों के शक में एक पति ने अपनी पत्नी को मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद वह उसके शव को कार में रखकर दिन भर घुमाता रहा। इसके बाद खुद ही पुलिस को जुर्म की खौफनाक दास्तां सुनाई...
हत्या के बाद उसने शाम को कार का शीशा तोड़कर हादसे का रूप दे दिया। बताया जा रहा है कि युवक के कई महिलाओं से संबंध हैं, इस वजह से उसकी अपनी पत्नी से नहीं बन रही थी।
सोमवार को एसएसआई वीरेंद्र सिंह रमोला ने पत्रकारों को बताया कि पत्नी शाहीन (27) को जहर देकर मारने के बाद हत्या को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास करने के चर्चित मामले में पुलिस ने आरोपी अल्लीखां निवासी हाशिम उर्फ भूरा पुत्र मोहम्मद अली को गिरफ्तार कर लिया है।
एसएसआई ने बताया कि मृतका के भाई अफजल ने सोमवार सुबह लगभग साढ़े सात बजे सूचना दी कि हाशिम कहीं भागन के लिए डिजायन सेंटर के पास खड़ा है।
कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई वीरेंद्र रमोला, उप निरीक्षक पीडी जोशी ने पुलिस के साथ घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। रमोला ने बताया कि पूछताछ में आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या करना स्वीकार किया। बताया कि दो जुलाई की रात उसने खाना खाने के बाद पत्नी को कोलड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया, जिससे कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद किया एक्सीडेंट का नाटक
उसने हत्या को दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई। शव को रात में ही कार की डिक्की में रख दिया। अगले दिन सुबह चार बजे पांच वर्षीय पुत्र हम्जा को सोते हुए कार में बैठाया और अपनी मां को बताया कि वह रामनगर मार्ग स्थित नथन मियां पीर शाह बाबा की मजार पर जा रहे हैं।
बड़ी लड़की लाएबा को स्कूल भेज देना। इसके बाद वह तीन जुलाई को दिन भर कार लेकर इधर-उधर घूमता रहा। रात आठ बजे दड़ियाल मार्ग पर लोहिया पुल के पास लगभग साढ़े आठ बजे उसने कार बीच सड़क पर खड़ी कर शव डिक्की से निकालकर कार की अगली सीट पर रख दिया।
कार का शीशा तोड़कर किसी वाहन से टकराने का रूप देने के लिए पत्नी के माथे पर चोट के निशान बनाने के बाद खुद ड्राइविंग सीट पर लेटकर बेहोशी का नाटक कर लेट गया।
तभी उधर से एक व्यक्ति जा रहा था उसने पूछा तो उसे दुर्घटना होना बताकर उसे अपना मोबाइल देकर पत्नी के भाइयों के नाम बताकर उनसे फोन कराया। उप निरीक्षक पीडी जोशी ने बताया कि मृतका के भाई और परिवार के लोग आए।
वे किसी वाहन से शाहीन और हाशिम को लेकर प्राइवेट अस्पताल गए। डॉक्टरों ने शाहीन को मृत बताया और हाशिम बेहोश था उसे दूसरे अस्पताल में भर्ती करा दिया। परिजन शाहीन का शव घर ले आए और चार जुलाई की सुबह नौ बजे दफना दिया।
पत्नी के बीमे की रकम से उतारना चाहता था कर्ज
इस बीच मृतका के मायके वालों घटना पर शक हुआ। मृतका के भाई अफजल ने पुलिस में तहरीर देकर हत्या की आशंका जताई और शव कब्र से निकालकर पोस्टमार्टम कराने की मांग की।
एसडीएम के निर्देश पर उसी दिन शाम करीब पांच बजे पुलिस ने शव कब्र से निकलवाया। उसके बाद पोस्टमार्टम कराया तो डॉक्टरों ने मृत्यु का समय 36 से 72 घंटे के बीच बताया गया। तब पुलिस ने मृतका के भाई की शिकायत पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
हाशिम ने अपनी पत्नी की हत्या की योजना दो महीने पहले बना ली थी। पुलिस ने बताया कि उसके कई महिलाओं से संबंध हैं। इसी वजह से पत्नी से उसकी नहीं बन रही थी। दंपति की दस वर्षीय पुत्री लाएबा और पांच वर्षीय पुत्र हम्जा है।
एसएसआई वीरेंद्र रमोला ने बताया कि हाशिम दो माह से हत्या का ताना-बाना बुन रहा था। उसने पत्नी की हत्या कर एक साथ कई लाभ उठाने की योजना बनाई। शाहीन के नाम से मकान पर 12 लाख का ऋण लिया था। दो महीने पहले शाहीन का आठ लाख का दुर्घटना बीमा कराया था।
हत्या करने पर बीमे की रकम मिल जाती और शाहीन से भी छुटकारा मिल जाता। इसलिए उसने हत्या के बाद दुर्घटना दिखाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस उससे यह नहीं उगलवा सकी कि जहर उसने कहां और किससे खरीदा।