मां की नजर क्या हटी, लाडला आंख से हमेशा के लिए दूर हो गया। कैंप की लक्ष्मीनगर कॉलोनी में गली में राख डालने के लिए आए ट्रैक्टर चालक ने घर के बाहर खेल रहे पौने दो साल के मासूम को कुचल दिया। हादसे में बालक की मौके पर ही मौत हो गई। इससे पहले लोगों ने चालक को सचेत किया, मगर कान में ईयरफोन लगाए होने की वजह से वह सुन नहीं सका। हादसे के बाद चालक ट्रैक्टर-ट्राली छोड़कर भाग गया। पब्लिक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया। बाद में परिजनों को सौंप दिया।
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बिहार के सीतामढ़ी जिले के गांव सुरपट्टी निवासी देवेंद्र राम कई साल से कैंप की लक्ष्मी नगर कॉलोनी में किराए के मकान में रहते हैं। वह जोड़िया स्थित प्लाइवुड फैक्ट्री में काम करते हैं। देवेंद्र राम की पत्नी पूनम ने बताया की सोमवार सुबह साढ़े नौ बजे वह घर के बाहर सफाई कर रही थी। वहीं उसका पौने दो साल का बेटा यमन गली में खेल रहा था। इस बीच घर के सामने ही गली में डालने के लिए लाई गई राखी से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली खड़ी थी। मां की नजर हटी तो बच्चा खेलते खेलते-खेलत ट्रैक्टर के पास चला गया। इस बीच चालक ने ट्रैक्टर चलाया तो ट्रैक्टर के पहिए के नीचे आ गया।
इससे पहले वहां मौजूद लोगों ने ट्रैक्टर चालक को रोकने की कोशिश की, मगर कान में ईयरफोन लगाए होने की वजह से चालक आवाज नहीं सुन सका। बाद में ट्रॉली का पहिया भी बच्चे के ऊपर से गुजर गया। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। इस बीच जुटे लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बाद में परिजनों को सौंप दिया। मामले में पुलिस ने आरोपी ट्रैक्टर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में केस दर्जकर लिया है।
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बच्चे की मौत देख बेहोश हो गई मां
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- फोटो : graphic
बच्चे की मौत देख बेहोश हो गई मां
हादसा में बच्चे की मौत के बाद उसे देख मां बेहोश हो गई। परिजनों ने उसे पानी पिलाया। होश में आने के बाद वह जोर-जोर से विलाप करने लगी। इस दौरान वह कई बार बेहोश हुई। परिजनों ने उसे संभाला। हादसे का पता चलते ही मृतक यमन के पिता भी फैक्ट्री से घर पहुंचे।
कच्ची गली बन गई बैरन, मां से छीन लिया लाडला
कॉलोनी वासियों ने बताया कि लक्ष्मी नगर में कई गलियां कच्ची पड़ी हुई हैं। बारिश में इनमें कीचड़ जमा हो जाता है। गलियों के निर्माण के लिए उन्होंने कई बार नगर निगम अधिकारियों और संबंधित पार्षद से शिकायत की, लेकिन अभी तक हालात जस के तस हैं।
गली में कीचड़ से बचने के लिए गली में काली राख डाली जा रही है। राख भरकर सोमवार सुबह ही पहली ट्रॉली यहां आई थी। इस दौरान हादसा हो गया, अगर गली बन गई होती तो शायद हादसा न होता।
कॉलोनी में गलियों में खेलते हैं बच्चे, छह माह पहले भी हुई थी बच्चे की मौत
बतां दे कि कैंप क्षेत्र में अधिकतर गलियों में बच्चे खेलते रहते हैं। परिजनों का उनपर कोई ध्यान नहीं होता। ऐसे में गलियों से गुजर रहे वाहनों की चपेट में आने की आशंका बनी रहती है। छह माह पहले भी कैंप क्षेत्र में गली में खेल रहे बच्चे को ट्रैक्टर ने कुचल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। इसके बावजूद अभिभावक छोटे बच्चों पर ध्यान देते नजर नहीं आते।
कैंप की लक्ष्मीनगर कॉलोनी में हादसे की सूचना पर वे मौके पर गए थे। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवा दिया गया है। मामले में अज्ञात ट्रैक्टर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में केस दर्जकर लिया गया है। चालक नाबालिग है या बालिग इसका पता गिरफ्तारी होने के बाद ही पता चल पाएगा।
-एएसआई धर्मपाल, इंचार्ज, गांधी नगर चौकी, थाना फर्कपुर।