मामले की गंभीरता को देखते हुए 24 नवंबर को स्मृति के माता-पिता गोपेश्वर पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को पूरे मामले से अवगत कराते हुए थाना जोशीमठ में अनिल के विरुद्ध स्मृति की हत्या की आशंका की रिपोर्ट दर्ज कराई।
रिपोर्ट दर्ज होने पर पुलिस हरकत में आई और 25 नवंबर को भनेरपाणी तोक में खाई से स्मृति का शव बरामद कर लिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्मृति की गला दबाकर हत्या करने और हत्या के बाद शव के टुकड़े करने की बात सामने आई थी।
मामले में अभियोजन की ओर से 15 गवाह पेश किए गए। बुधवार को लंबी बहस सुनने के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हत्यारोपी पति को धारा 302 में दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता कुलदीप बर्त्वाल ने पैरवी की।