कुछ समय बाद परिजनों ने विवाहिता को बताया गया कि उसके पति को तपेदिक की बीमारी है। पति दवा खाने के बहाने घर के ग्राउंड फ्लोर में रहता और कभी भी उसके कमरे में नहीं आता था।
कुछ समय बाद कमरे से मिली एक रिपोर्ट से उसे अपने पति के एचआईवी संक्रमित होने की जानकारी मिली।
यह रिपोर्ट काशीपुर के एक डायग्नोस्टिक सेंटर में 11 नवंबर 2017 को हुई जांच की थी। विवाहिता ने कहा कि इस बाबत पूछे जाने के बाद से पति का व्यवहार में बदलाव आ गया और वह उसके साथ मारपीट करने लगा।
पति संतान का वास्ता देकर उस पर ससुर के साथ संबंध बनाने का दबाव डालने लगा। विरोध करने पर पति ने उसके साथ जबरन कई बार अप्राकृतिक यौनाचार किया।
आरोप है कि दो जुलाई 2018 को ससुर उसके कमरे में घुस आया। उसने उसके साथ दुराचार का प्रयास किया। वह किसी तरह उसके चंगुल से छूटकर भागी और अपनी ननदों से इस बारे में बताया।
इस पर ननदों ने बुरा भला कहते हुए उसके साथ गाली गलौच की। प्रार्थना पत्र के आधार पर एसीजेएम ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर विवाहिता के पति, ससुर और ननदों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।