लालतप्पड़ में किडनी रैकेट का मुख्य आरोपी अमित शर्मा जो पुलिस की गिरफ्त में है महज 15 साल की उम्र से ही इस धंधे में कदम रख लिया था ।
अपने शुरुआती दिनों में अमित मुंबई के एक अस्पताल में मरीजों को एयरपोर्ट से लाया करता था । टैक्सी से ऑपरेशन थियेटर पहुंचने में अमित को देरी नहीं लगी।
महाराष्ट्र के अकोला गांव से अमित 15 साल की उम्र में काम की तलाश में मुंबई पहुंच गया था, जहां पर एक अस्पताल से नौकरी की शुरुआत की। करीबी सूत्रों के हवाले से पुलिस ने बताया कि पहले वह एयरपोर्ट से विदेश से आने वाले मरीजों को लेकर अस्पताल लाता था, जहां पर किडनी ट्रांसप्लांट का काम होता था।
अपने समर्पण और एक्सट्रा एनर्जी के बल पर अमित ऑपरेशन करने वाले डाक्टरों के करीब पहुंच गया और ऑपरेशन थियेटर में उपकरणों जिम्मेदारी मिल गई।
अमित ने किडनी निकालने और ट्रांसप्लांट की जानकारी का प्रयोग करने के लिए 1993 में एक बिल्डिंग किराए पर ली और बाहर से बुलाए गए डॉक्टर्स की निगरानी में किडनी ट्रांसप्लांट करने लगा ।
अमित ने मुंबई, नोएडा, नेपाल में भी कई बार किडनी ट्रांसप्लांट किया। जिससे उसका आत्म विश्वास जाग गया। इसके बाद उसने अपने भाई जीवन के साथ मिलकर किडनी की खरीद-फरोख्त का काला धुंधा शुरू कर दिया।
धीरे-धीरे अमित ने देश-विदेशों तक अपना नेटवर्क बन गया। जयपुर, गुजरात, गुड़गांव, दिल्ली समेत कई राज्यों में नाम बदलकर धंधे को करता रहा। कई बार जेल भी गया, मगर किडनी निकालने और ट्रांसप्लांट से उसका मोह बरकरार रहा।