राजधानी देहरादून में दिवाली की रात चार अपनों का बेहरमी से कत्ल करने वाले हरमीत सिंह पर कानूनी शिकंजा कस रहा हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य संकलन में जुटी है।
इसी कड़ी में चश्मदीद गवाह के 164 के बयान दर्ज कराने के बाद बुधवार को आरोपी का ब्ल्ड सेंपल और फिंगरप्रिंट लेगी, ताकि उनका मिलान किया जा सके। इसी बीच डीआईजी ने भी पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने में पुलिस का सहयोग करने के निर्देश दिए हैं।
आदर्शनगर में दिवाली की रात को पिता जय सिंह, सौतेली मां कुलवंत कौर, बहन हरजीत कौर और भांजी सुखमणि की चाकुओं से गोंद कर हत्या करने वाले हरमीत सिंह के खिलाफ साक्ष्य जुटाने में पुलिस किसी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।
पहले दिन से ही फूंक-फूंक लिखापढ़ी की जा रही है, ताकि सुनवाई के दौरान केस किसी भी लहजे से कमजोर न रहे। इसी बीच डीआईजी संजय गुंज्याल ने विवेचनाधिकारी की मदद के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित की है, जिनका काम साक्ष्य जुटाने के साथ कडियों को आपस में जोड़ने का होगा।
हत्याकांड के चश्मदीद गवाह बालक समेत सभी को सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। बुधवार को कोर्ट के आदेश पर आरोपी हरमीत सिंह का ब्लड सेंपल और फिंगरप्रिंट लेगी। पूरी कार्रवाई को गोपनीय रखा जाएगा, ताकि अभिरक्षा में हरमीत सिंह को कोई नुकसान न पहुंचा सके।
पुलिस ने जुटाया यह साक्ष्य
1- हत्याकांड के आरोपी हरमीत सिंह के खिलाफ चश्मदीद गवाह कंवलजीत है, जिसने पूरे घटनाक्रम से पर्दा उठाया हैं। पुलिस ने अपनी कहानी को पुख्ता करने के लिए बालक के 164 के बयान भी दर्ज करा दिए हैं।
2- चौहरे हत्याकांड में प्रयुक्त रामपुरी चाकू भी पुलिस ने आरोपी की निशानदेही से ही बरामद किया है। इसी चाकू से चारों कत्ल किए गए हैं।
3- आरोपी की खून से सनी चप्पल के बाद वारदात के समय के खून से सनी शर्ट और लॉवर भी सील किया गया है।
4- कत्ल करते समय चाकू के प्रहार से जख्मी हुई आरोपी हरमीत सिंह उंगलियों का भी मैडिकल परीक्षण कराया गया हैं।
5- पुलिस ने घटनास्थल से फिंगर प्रिंट और फुट प्रिंट उठाए गए है। मिलान होने की स्थिति में यह साक्ष्य काफी कारगर होगा।
6-पुलिस ने कंवलजीत सिंह की शर्ट और बनियान भी कब्जे में लिया, जिस पर चाकू के निशान हैं।
सजा दिलाने में कारगर साक्ष्य
आदर्शनगर हत्याकांड सीधे तौर पर रेयर ऑफ रेयरेस्ट का मामला बनता हैं। चार कत्ल में एक ही आरोपी हैं। उसके खिलाफ जुटाए गए साक्ष्य कारगर साबित होंगे, लेकिन बहुत कुछ पुलिस विवेचना पर निर्भर करेगा। पुलिस लिखापढ़ी कितनी मजबूती से करती हैं।
चंदशेखर तिवारी, सदस्य, उत्तराखंड बार काउंसिल
कौन रहेगा यहां, लगता है डर
सामूहिक हत्याकांड के बाद कब्जे में ली गई कोठी को मंगलवार को छानबीन के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। शाम को यहां सफाई तो करा दी गई, लेकिन हर कोई आशंकित है। पुलिस से कहा गया है कि कौन रहेगा यहां, अंदर तो बेहद डरावना माहौल है।
आदर्शनगर में जय सिंह समेत चार सदस्यों की हत्या के बाद पुलिस ने कोठी को अपने कब्जे में ले लिया था। पुलिस कई चरणों में कोठी का अवलोकन कर चुकी हैं।
मंगलवार को आखिरी बार पुलिस ने फिर कोठी पर पहुंचकर कई घंटे छानबीन की। पूरी तसल्ली के बाद जय सिंह के तीनों भाइयों को बुलाकर कोठी की चॉबी सुपुर्द कर दी गई। दामाद तो बेटे को लेकर यमुनानगर रवाना हो गया। शाम को कोठी में बिखरे खून की धुलाई कर सफाई करा दी गई।