चौहरे हत्याकांड एकमात्र चश्मदीद सात साल के मासूम कंवलजीत सिंह ने सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय छवि बंसल की अदालत में मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज कराए। उसने अदालत में हरमीत की खौफनाक करतूत बयां की।
सोमवार को अदालत पहुंचे कंवलजीत ने बताया,‘सुखी और मैं मां के साथ सोए थे। रात को नाना, नानी और फिर मां के चिल्लाने की आवाजें सुनकर मैं उठ गया। सुखी भी जाग गई थी।
बगल में सोई मां खून से तर थी और बिस्तर के सामने मामा चाकू लेकर खड़ा था। मैं सहम गया। मामा ने मुझे भी चाकू मारा तो मैं भागकर सोफे के पीछे छुप गया। सुखी मामा को देखकर रोने लगी।
मामा ने उसे चुप रहने का इशारा किया, लेकिन वह रोती रही। काफी देर तक भी वह चुप नहीं हुई तो मामा ने मेरे सामने ही उसका गला रेत दिया। मामा ने मुझे चाकू दिखाकर कहा, अब तूने कुछ बोला तो तेरा भी यही हाल करूंगा।’