राजधानी देहरादून में नाबालिग से दुराचार के दोषी को अदालत ने सात साल कैद और 11 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई है।
डरा-धमकाकर किया था दुराचार
अर्थदंड न देने पर दोषी को छह महीने का अतिरिक्त कारावास काटना होगा। मामला कैंट थाना क्षेत्र का वर्ष 2013 का है।
एक व्यक्ति ने न्यू मिट्ठी बेहड़ी प्रेमनगर निवासी संजू पर नाबालिग बेटी से दुराचार का आरोप लगाया था। आरोप था कि संजू ने किशोरी को डरा-धमकाकर दुराचार किया।
खुलासा तब हुआ जब वह गर्भवती हो गई, उसने एक बच्चे को भी जन्म दिया। मामले में संजू के साथ उसके भाई पर भी दुराचार का आरोप था। बचाव पक्ष ने कहा कि किशोरी नाबालिग नहीं है, उसके परिजनों ने उम्र घटाई है।
यह भी दावा किया गया कि संजू ने युवती से विवाह किया था। लेकिन अदालत में बचाव पक्ष इसे साबित नहीं कर सका। अदालत में किशोरी ने कहा कि आरोपी ने अश्लील क्लिपिंग बनाकर उसे धमकाया।
उसने पूर्व में मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयानों की भी पुष्टि की। अदालत ने मामले में आरोपी को बलात्कार और धमकी दोनों मामलों में दोषी पाते हुए सजा सुनाई। दोनों सजा साथ चलेंगी। दूसरे आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में मामलाविचाराधीन है।