उत्तराखंड में भगवान और चोर का अजब रिश्ता सामने आया है! टिहरी के भरदार गांव में कृष्ण नागराज और देवी मंदिर से दो माह पहले हुई चोरी का खुलासा खुद चोर ने कर दी है।
गुनाह की माफी मांगी
इस चोरी का खुलासा पुलिस अभी तक नहीं कर पाई थी। लेकिन दो माह बाद चोर ने खुद ही मंदिर में चोरी का सामान रख दिया। साथ ही देवी मां के चरणों में एक पत्र रखकर उसमें अपने गुनाह की माफी भी मांगी है।
बीते चार अगस्त को मंदिर से चोर दानपात्र तोड़कर उसमें रखी लगभग 20 हजार की नगदी उड़ा ले गए। मंदिर समिति की ओर से चोरों के खिलाफ राजस्व पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बावजूद इसके राजस्व पुलिस दो माह बाद भी चोर को नहीं पकड़ पाई, लेकिन चोर का दिल खुद ही पसीज गया।
मां के चरणों में पत्र
शुक्रवार रात को कोई मंदिर में एक देवी की नई मूर्ति और पांच किलो की एक पीतल की घंटी रख गया। साथ ही देवी मां के चरणों में एक पत्र भी छोड़ गया है, जिसमें लिखा है कि मैने चोरी मजबूरी में की थी। ईश्वर मुझे माफ करना।
नगदी के बदले देवी मूर्ति और घंटी आपके चरणों में लौटा रहा हूं। मुझे माफ करना। मंदिर समिति के सदस्य रामकृष्ण नौटियाल, पूर्व प्रधान पीतांबर दत्त नौटियाल ने बताया कि शुक्रवार को मंदिर में अष्टमी का पाठ था। उसी रात को मंदिर में मूर्ति और घंटी रखी गई है।