देहरादून के जाखन क्षेत्र में कारोबारी की इकलौती बेटी ने गुरुवार शाम को बाथरूम में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।
आईएमएस से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही इस छात्रा ने यह कदम क्यों उठाया है, यह साफ नहीं हो सका है। छह लाइन के अंग्रेजी में लिखे सुसाइड नोट में कोई कारण नहीं दिया गया है।
केवल इतना कहा कि किसी कोई गलती नहीं है, वह उनके प्यार के लायक नहीं है। बेटी के इस कदम से मां का रोते-रोते बुरा हाल है।
अपने माता-पिता की अकेली संतान थी नैंसी
मूल रुप से दिल्ली निवासी कारोबारी एसके मोहन काफी समय से जाखन के चंद्रोहटी में कोठी बनाकर अपने परिवार के साथ रहते हैं। 19 साल की नैंसी मोहन उनकी अकेली संतान थी।
फिलहाल वह राजपुर रोड स्थित आईएमएस संस्थान से पत्रकारिता की तृतीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। नैंसी गुरुवार शाम को अपनी मम्मी से बाथरूम में सफाई करने की बात कहकर अंदर चली गई।
इसी दौरान नैंसी ने बाथरुम के अंदर ही चुन्नी से फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली। काफी देर नैंसी बाहर नहीं आई तो मां को चिंता हुई।
बार-बार आवाज लगाने के बाद भी अंदर से नैंसी का कोई जवाब नहीं आया। घबराई मां ने नैंसी के पिता को बुला लिया।
छह लाइन का सुसाइड नोट छोड़ गई नैंसी
एसके मोहन ने चॉबी से बाथरूम खोला तो बेटी पर लटकी पाकर उनके पैरों तले की जमीन खिसक गई। मां-बाप बेटी को फंदे से उतारकर अस्पताल ले गए, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर आ गई। मृतका अंग्रेजी में लिखा गया छह लाइन का सुसाइड नोट छोड़ गई है। एसओ राजपुर राजेश शाह के मुताबिक छात्रा ने अपनी मौत के लिए खुद को जिम्मेदार बताया है।
ममा और डैड को संबोधित सुसाइड नोट में कहा कि आप दोनों उसे बहुत प्यार करते हैं, लेकिन वह इसके लिए लायक नहीं है। इसमें किसी की कोई गलती नहीं है।