ऑपरेशन भूरा की हवा निकलाने के बावजूद दिल्ली और यूपी पुलिस के बीच शह और मात का खेल जारी है।
लंबे समय तक मोहरे के रूप में इस्तेमाल करने के बाद दिल्ली पुलिस ने रोबिन खोखर को हिरासत में लेकर छोड़ दिया था, लेकिन यूपी पुलिस की जांच में वह आरोपी बन गया है।
उत्तराखंड पुलिस की अभिरक्षा से अमित उर्फ भूरा को फरार कराने में सचिन उर्फ मोनू खोखर और उसके साथियों की अहम भूमिका थी। इस मामले में सचिन के भाई के राबिन की संलिप्तता का खुलासा तो नहीं किया गया था, लेकिन उसे हिरासत में ले लिया था।
दिल्ली पुलिस ने भूरा फरारी की आरोपियों की धरपकड़ के लिए उसे मोहरे की तरह इस्तेमाल किया। रोबिन का जुड़ाव आरोपी बनाए दिल्ली क्षेत्र के पूर्व विधायक से भी रहा। कई आरोपियों को जेल पहुंचाने के बाद दिल्ली पुलिस ने रोबिन को छोड़ दिया था।
अब बागपत पुलिस की विवेचना में भूरा मामले में रोबिन को भी आरोपी बनाया गया है। बृहस्पतिवार को एसटीएफ और बागपत पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। यह कहना तो मुश्किल है कि दिल्ली पुलिस सही थी या यूपी पुलिस, लेकिन शह और मात का यह खेल कई और रंग दिखा सकता है।
चकमा दे भागा था सचिन
उत्तराखंड पुलिस शातिर सचिन उर्फ खोखर के काफी करीब पहुंच गई थी। जयपुर से चलते समय पुलिस उसके पीछे लग गई थी। पुलिस को सही मौके की तलाश थी, लेकिन वह चमका देने में कामयाब रहा।
रोबिन से पूछताछ के लिए उत्तराखंड पुलिस की टीम को भेजा गया है। मैंने हाल ही में एसटीएफ का कार्यभार ग्रहण किया है।
- एपी प्रकाश, डीआईजी एसटीएफ