कुख्यात सुनील राठी गिरोह का मजबूत हाथ माना जाने वाला रुड़की जेल में बंद कुख्यात देवपाल राणा की बदमाशों ने रुड़की रामनगर कोर्ट परिसर में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। इस दौरान परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों ने जवाबी फायरिंग करते हुए भाग रहे दो बदमाशों को दबोच लिया, जबकि एक बदमाश फरार होने में कामयाब रहा।
पकड़े गए दोनों बदमाशों की अधिवक्ताओं ने जमकर धुनाई की। पुलिस छानबीन में सामने आया है कि देवपाल की हत्या ननौता में उसके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी ऋषिपाल राणा ने कराई है।
डीआईजी पुष्पक ज्योति और एसएसपी कृष्णकुमार वीके समेत अधिकारियों ने कोर्ट पहुंचकर घटना की जानकारी ली है। बताया गया है कि नकुड़ सहारनपुर निवासी सतीश और अमित पेशी के दौरान देवपाल से मिलने आए थे। गोलीबारी के दौरान सतीश के पैर और अमित के हाथ में छर्रे लगे हैं। दोनों की हालत खतरे से बाहर हैं।
2014 में रुड़की उपकारागार के गेट पर हुई गैंगवार समेत दर्जनों आपराधिक मामलों का आरोपी देवपाल राणा निवासी बढ़ेड़ी थाना बड़गांवा सहारनपुर को सोमवार को रामनगर कोर्ट में पुलिस सुरक्षा के बीच पेशी के लिए लाया गया था।
दो बदमाश गिरफ्तार
सुबह 11 बजकर 40 मिनट पर उसे कोर्ट के प्रथम तल पर स्थित एडीजे प्रथम सुशील तोमर की कोर्ट के बाहर बेंच पर बैठा दिया गया। तभी हाथों में पिस्टल लहराते हुए तीन बदमाश वहां पहुंचे, इनमें से दो बदमाशों ने देवपाल के नजदीक पहुंचकर उस पर गोलियों की बौछार कर दी, जबकि एक बदमाश ने कोर्ट के बरामदे के दूसरी ओर से गोलियां बरसानी शुरू कर दी।
इसके बाद दो बदमाश भागने लगे तो कोर्ट की सुरक्षा में तैनात आईआरबी के कांस्टेबल सर्वेश कुमार, हेड कांस्टेबल नवनीत चौधरी और पैरोकार ललित शर्मा ने साहस का परिचय देते हुए मोर्चा संभाल लिया। सर्वेश कुमार ने बदमाशों पर जवाबी फायरिंग की तो वे कोर्ट रूम में घुस गए।
इसके बाद पुलिस के जवानों ने उन्हें दबोच लिया, जबकि तीसरा बदमाश भागने में कामयाब रहा। पकड़े गए बदमाश मोहित और अजय निवासी जिंद ने बताया कि उन्हें ननौता की ब्लाक प्रमुख के पति ऋषिपाल राणा ने भेजा है।
इससे पूर्व के कार्यकाल में देवपाल राणा की पत्नी ननौता की ब्लाक प्रमुख थी। तभी से दोनों गुटों में राजनीतिक रंजिश चली आ रही थी। घटना से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन में देवपाल राणा को सिविल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया।