गैंगरेप पीड़ित किशोरियां शनिवार देर शाम करीब पांच बजे घायलावस्था में घर पहुंची तो उनमें से एक किशोरी की मां ने उसके फटे कपड़े और चेहरे पर चोट के निशान देखे। पूछने पर उस वक्त किशोरी ने कुछ नहीं बताया।
लेकिन, रात करीब दस बजे उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई। इसके परिजन रात में ही दूसरी पीड़ित किशोरी के घर गए। उसने भी घटना बयां की। इसके बाद रविवार सुबह करीब 11 बजे एक किशोरी के परिजन कोतवाली पहुंचे और उसकी मां ने पुलिस में तहरीर दी।
पुलिस ने मामला छेड़छाड़ का बताते हुए लीपापोती करने की कोशिश की और कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए घर भेज दिया। उधर, गैंगरेप की जानकारी मिलने पर एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने सितारगंज सीओ हिमांशु शाह और खटीमा सीओ कमला बिष्ट को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए।
खटीमा सीओ बिष्ट ने कोतवाली पहुंचकर दोनों किशोरियों के बयान लिए और सितारगंज सीओ शाह के साथ मजार से करीब पांच सौ मीटर की दूरी पर स्थित घटनास्थल का मुआयना किया।
पुलिस ने किशोरियों की निशानदेही पर तीन युवकों को उनके घरों और जंगल किनारे से हिरासत में ले लिया। समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। सीओ शाह ने बताया कि गैंगरेप की घटना के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
आखिर कौन है किशोरी के घर फोन करने वाला युवक
गैंगरेप पीड़ित किशोरी की मां के फोन पर किसी युवक ने कॉल किया। मां का कहना है कि एक युवक ने फोन पर किशोरी के घर पहुंचने की जानकारी ली और उसके बारे में पूछने के बाद उससे बात कराने को कहा। जैसे ही युवक से उसके बारे में पूछा तो उसने फोन काट दिया। अंदेशा जताया कि गैंगरेप के आरोपियों में से ही कोई एक युवक उनके मोबाइल नंबर पर कॉल कर रहा था। उसने पुलिस से फोन करने वाले की भी जांच करने की मांग की है।