उत्तराखंड के हरिद्वार में थाना पथरी के एक गांव की किशोरी ने वहीं के निवासी दो युवकों ने सामूहिक दुराचार करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने किशोरी का मेडिकल कराया है।
आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है। थाना पथरी में दी गई तहरीर के अनुसार 17 वर्षीय किशोरी ने आरोप लगाया है कि बृहस्पतिवार की देर शाम को वह अपने घर के बाहर खड़ी थी। उस समय गांव के दो युवक आए और उसे जबरदस्ती खींचकर जंगल में ले गए।
जंगल में ले जाकर दोनों ने उसके साथ सामूहिक दुराचार किया और उसे बेहोशी की हालत में छोड़कर चले गए। सुबह को उसे होश आया तो वह गिरती पड़ती घर पहुंची और पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपनी मां को दी।
इस पर पीड़ित किशोरी के परिजन थाना पथरी में गए और तहरीर देकर झबीरन गांव के निवासी राहुल एवं नीरज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। थानाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल कराया गया है और आरोपियों की गिरफ्तारी को दबिश दी जा रही है।
हरिद्वार जिले में महिलाओं पर बढ़ रहे अत्याचार
भले ही देश भर में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर जोर है, लेकिन हरिद्वार में स्थिति बिल्कुल उलट है। यहां पर बेटियों के साथ उत्पीड़न के मामले बढ़ते जा रहे हैं।
पिछले तीन माह के भीतर अपहरण, दुराचार समेत महिला उत्पीड़न के करीब 79 मुकदमे दर्ज हुए हैं। वहीं पुलिस का मानना है कि जागरूकता के चलते महिलाएं अब इंसाफ के लिए आगे आ रही हैं, जिस कारण मुकदमों की संख्या बढ़ी है।
देश भर में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कड़े कानून बने, लेकिन उत्पीड़न कम नहीं हो रहा है। समाज में भले ही बेटियों के उत्थान के लिए बड़े बड़े दावे किये जाते रहे हों, लेकिन जिले में छेड़छाड़, अपहरण और दुराचार के मामलों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है।
पिछले तीन माह के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो महिला उत्पीड़न के 79 मुकदमे दर्ज हुए हैं, जिनमें हत्या, दहेज, छेड़छाड़, अपहरण तथा दुराचार के मामले हैं। इस बाबत एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल का कहना है कि अब महिलाएं जागरूक हो रही हैं। महिला उत्पीड़न के मामले पहले भी होते थे, लेकिन कार्रवाई के लिए महिलाएं आगे नहीं आती थीं। उनका कहना है कि इन मामलों में पुलिस गंभीरता से कार्रवाई करती है।