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दगाबाज दोस्त की इस दास्तां को सुन रह जाएंगे दंग

Wed, 29 Jul 2015 05:49 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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पिछल दिनों ऋषिकेश में हुए एक स्कूल संचालक बेटे हार्दिक के अपहरण में उसी के दोस्त सत्यम का हाथ था।
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जुर्म की राह में पहला कदम सत्यम बंसल को रास नहीं आया। आरोपियों की मानें तो सत्यम ने अपहरण की पूरी पटकथा लिखी थी। मसलन, अपहरण कैसे करना है और फिरौती किस तरह से वसूलनी है। अपहरणकर्ता भाइयों ने उसी योजना पर काम तो किया, लेकिन उसकी सांसों को अपने लिए खतरा मानकर छीन लिया।

कम उम्र में नशे की लत का शिकार हुए सत्यम बंसल जुर्म के तरीके से वाकिफ था। अपहरण की योजना तो रोहित, मोहित और सत्यम ने बनाई थी, लेकिन उसे कैसे अंजाम देना है, यह सब सत्यम के दिमाग से निकला था।
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पुलिस पूछताछ में रोहित और मोहित यह तो नहीं बता पाए कि सत्यम ने अपहरण का यह आइडिया कहां से लिया था, लेकिन हार्दिक को बुलाने के साथ ट्रेन से फिरौती वसूले जाने की कहानी बनाई थी। अगवा को रखने और रकम वसूलने के लिए स्थान चिह्नित करने की जिम्मेदारी उनकी थी।

पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह ने बताया कि सत्यम और मनोज हार्दिक को भूपतवाला के खड़खड़ी के पास एक आश्रम तक लेकर आए थे, जहां से वह सत्यम को बेहोश कर शामली ले गए थे।

बता दें कि हार्दिक के अपहरण की पूरी कहानी बसंत बिहार के हर्षित तायल अपहरण कांड से मेल खाती है। माना जा रहा है कि इसी अपहरण की तर्ज पर हार्दिक के अपहरण और फिरौती वसूलने का तानाबाना बुना गया।

हार्दिक के अपहरणकर्ता गए जेल

हार्दिक अपहरण कांड में दो सगे भाइयों और उनके पिता को पुलिस ने मंगलवार को एसीजीएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि सत्यम बंसल के शव को बरामद करने के लिए जल्द ही उन्हें रिमांड पर लिया जाएगा।

गंगानगर क्षेत्र से अगवा हार्दिक को पुलिस ने सोमवार को शामली से सकुशल बरामद कर अपहरणकर्ता दो सगे भाइयों रोहित, मोहित और उनके पिता ओमबीर सिंह निवासी लिसाढ़ को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस अपहृत और आरोपियों को लेकर रात में कोतवाली पहुंची थी। हार्दिक को परिजनों को सुपुर्द कर दिया था।

पुलिस क्षेत्राधिकारी चक्रधर अंथवाल ने बताया कि मंगलवार को अपहरणकर्ताओं को कोर्ट में पेश किया गया। जहां कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में सुद्धोवाला जेल भेज दिया है। बताया कि अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस अपहरणकर्ताओं को रिमांड पर लेगी। अभी मामले और कई खुलासे होने हैं।

सत्यम के शव का सुराग नहीं
पुलिस क्षेत्राधिकारी ने बताया कि अपहरणकर्ताओं ने हार्दिक के अपहरण में मददगार बने सत्यम निवासी गंगानगर, ऋषिकेश की गला घोंटकर हत्या कर दी थी और शव बोरे में भरकर शामली में ही किसी नहर में फेंक दिया था। नहर में शव बरामद करने के लिए प्रयास किए गए है, लेकिन अभी कोई सुराग नहीं लग सका है। अपहरणकर्ताओं को रिमांड में लेेने के बाद पूछताछ की जाएगी कि सत्यम का शव नहर में कहां फेंका है।
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होश में आते ही लगा देते थे इंजेक्शन

‘धुंधला सा याद है, मैं शायद एक कमरे में था। होश आते ही बड़बड़ाता तो एक लड़का जबरन दबोच कर बेहोशी का इंजेक्शन लगा देता। धीरे-धीरें पलकें गिरने लगतीं, इसके बाद कुछ याद नहीं रह जाता था।’

पांच दिन अजनबियों के बीच खौफ में गुजारने के बाद सकुशल घर लौटा स्कूल संचालक का अगवा बेटा हार्दिक उन दहशत भरे लम्हों को याद कर आज भी सिहर उठता है। बीते सोमवार को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटने के बाद पापा (राहुल रावत) की आगोश में आते ही लगा मानो ईश्वर ने जान बचा ली। मुझे दोबारा नई जिंदगी मिल गई।

घर वापसी के बाद आठवीं कक्षा के छात्र हार्दिक रावत ने अमर उजाला को बताया कि बाइक सीखने का शौक उसे महंगा पड़ा। सत्यम बाइक सिखाने के बहाने उसे हरिद्वार तक ले गया था। सोचा भी नहीं था कि उसके साथ ऐसी अनहोनी हो सकती है।

हरिद्वार में सत्यम ने उसे अजनबी सगे भाइयों रोहित, मोहित से मिलाया तो थोड़ा डर सा लगा। थोड़ी देर बाद तीनों अलग जाकर कुछ बात करने लगे। इतने में सत्यम कमरे से निकल गया। इसके बाद रोहित और मोहित ने उसे कोल्ड ड्रिंक पिलाई।

इसके बाद क्या हुआ, कुछ पता नहीं। आंख खुली तो खुद को एक बंद कमरे पाया। सामने रोहित और मोहित बैठे थे। कुछ पूछने से पहले ही दोनों ने धमकाते हुए बोले, तुझे अगवा कर लिया है। जैसा कहेंगे, वैसा ही करना। इसके बाद इंजेक्शन लगाकर दोबारा बेहोश कर दिया गया।

दोस्ती से उठ गया विश्वास
हार्दिक ने बताया कि सत्यम से उसकी दोस्ती शाम को घर के पास मैदान में फुटबॉल खेलने के दौरान हुई थी। वह उसे अच्छा दोस्त समझता था, लेकिन उसने विश्वासघात किया। अब तो दोस्ती के रिश्ते से ही विश्वास उठ चुका है।
 
अकेले नहीं जाऊंगा बाहर
8वीं में पढ़ने वाले हार्दिक ने कहा कि अब घर से बाहर नहीं जाऊंगा। कहीं जाना भी होगा तो पापा के साथ जाऊंगा।

अभी भी पूरी तरह होश में नहीं
स्कूल संचालक और पिता राहुल रावत ने बताया कि हार्दिक अभी भी नशे की हालत में है। मंगलवार को सरकारी अस्पताल में डॉक्टर को दिखा कर सलाह ली है। डॉक्टर ने अभी नियमित रूप से उसका ख्याल रखने को कहा है।
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