बिना कार खरीदे ही बैंक का चार लाख रुपये का ऋण हड़पने के मामले में पुलिस ने दो जालसाजों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि दो साथी फरार बताए गए हैं।
जीएमएस रोड स्थित देना बैंक के प्रबंधक ने बंसत विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि बिजनौर के अब्दुलपुर निवासी दिनेश कुमार ने 2013 में कार लोन हेतु आवेदन किया था। धर्मपुर की सुभ प्रीमियर फर्म की तरफ से फर्जी कोटेशन बनाकर चार लाख का ऋण प्राप्त कर लिया।
कार खरीदने के बजाय धन का दुरुपयोग
आरोपी पक्ष ने कार खरीदने के बजाय धन का दुरुपयोग किया। इंदिरा नगर चौकी प्रभावी बलदेव सिंह ने बताया कि बैंक ने जब कार की आरसी मांगी तो आरोपी टरकाते रहे। इन लोगों ने बिना कार खरीदे ही रकम को निजी कार्यों में खर्च कर लिया। विवेचना के दौरान पता चला कि दिनेश और सुरेन्द्र प्रताप निवासी कौलागढ़ ने अपने साथी चेतराम और दीपक सिंघल के साथ मिलकर यह जालसाजी की। पुलिस ने शनिवार को दिनेश और सुरेन्द्र को गिरफ्तार कर लिया।
रजिस्ट्री पर फर्जी तरीके से लिया ऋण
क्लेमेंटटाउन क्षेत्र में रजिस्ट्री पर फर्जी तरीके से बैंकों से लाखों रुपये का ऋण लेने के मामले में रुड़की के तीन लोगों के खिलाफ जालसाजी का मुकदमा कायम कराया गया है।
क्लेमेंटटाउन निवासी महेन्द्र सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि राजकुमार अग्रवाल, दीप चंद और तेजपाल निवासीगण रुड़की ने फर्जी तरीके कई रजिस्ट्री में बैंकों से ऋण प्राप्त कर लिया। ऋण का भुगतान न किए जाने पर बैंकों की जांच में यह खुलासा हुआ है। पुलिस ने रात में आरोपी दीपचंद और तेजपाल को गिरफ्तार कर लिया। जबकि, तीसरा आरोपी फरार है।