एक कबूतरबाज ने कथित तौर अपने बहन-बहनोई और भाई के साथ मिलकर तीन युवकों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर साढ़े सात लाख रुपए ठग लिए।
कबूतरबाज ने तीनों युवकों को टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया भेज दिया। जहां युवकों ने नौकरी के बदले जेल में यातनाएं झेलीं। पीड़ित युवकों ने पुलिस से कबूतरबाजों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बुधवार को गोविंदपुर गांव निवासी अनिल कुमार पुत्र कोमल प्रसाद, दीनदयाल पुत्र मोहन लाल और निर्मल सिंह पुत्र सुखवंत सिंह ने कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि लौका गांव के एक युवक ने अपने भाई, बहन और बहनोई के साथ मिलकर सिंगापुर में नौकरी दिलाने का झांसा दिया।
मलेशिया हवाई अड्डे पर सुरक्षा कर्मियों ने पकड़ा
आरोप लगाया कि सिंगापुर में 70 हजार रुपए प्रति माह वेतन के हिसाब से नौकरी दिलाने के नाम पर युवक ने तीनों से ढाई-ढाई लाख रुपए ठग लिए। कहा कि युवक ने उन्हें टूरिस्ट वीजा पर मलेशिया भेज दिया। 19 मार्च को मलेशिया हवाई अड्डे पर उतरते ही सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें पकड़ लिया और जेल में डाल दिया।
जहां सप्ताह भर तक भूखे प्यासे जेल में रहे और यातनाएं सहीं। 26 मार्च को यहां लौटने के बाद युवकों को आपबीती बताई। कहा कि युवक द्वारा साढ़े सात लाख रुपए लेने के बावजूद उनके साथ धोखाधड़ी की गई, जिससे उन्हें मानसिक और आर्थिक क्षति हुई है।
उन्होंने पुलिस से आरोपी कबूतरबाज युवक और उसके भाई, बहन, बहनोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और विदेश भेजने के नाम पर ठगे गए साढ़े सात लाख रुपए वापस दिलाने की मांग की है। प्रभारी निरीक्षक डीआर आर्य ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं है। यदि तहरीर आई है तो उसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।