रिश्तों को ताक पर रख एक भाई ने वो कर डाला जो उसकी बहन ने कभी सपने में भी नहीं सोचा था। पिता का फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर एक व्यक्ति ने पेंशन और अन्य लाभ हासिल कर बहन का अधिकार हड़प लिया।
बहन ने आरटीआई से जानकारी मांगी तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। अब बहन ने भाई समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
जानकारी के मुताबिक क्लेमेनटाउन के तिग मंदिर कॉलोनी निवासी छावनी परिषद के एक कर्मचारी का निधन वर्ष 2006 में हुआ। बताया जा रहा है कि पेंशन और बैंक बैलेंस समेत मृत्योपरांत लाभ के लिए उन्होंने बेटी करोड़पति को नामित किया था।
आरटीआई के तहत जानकारी मांगी
करोड़पति ने कुछ समय पूर्व पेंशन आदि के लिए आवेदन किया तो पता चला कि उनका भाई करमराज पहले से सभी लाभ ले रहा है। करोड़पति ने आरटीआई के तहत छावनी परिषद से जानकारी मांगी तो पता चला कि करमराज ने पेंशन लाभ के लिए वर्ष 2007 में पिता का मृत्यु प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए थे।
करोड़पति का आरोप है कि छावनी परिषद सदस्य और कर्मचारियों की मिलीभगत से भाई ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे उनका अधिकार हड़प लिया है।
उन्होंने मामले में करमराज, छावनी परिषद की सभासद सुशीला रावत, हेल्थ इंस्पेक्टर राजेंद्र प्रसाद चमोली, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र प्रभारी हरेंद्र सिंह और बैंक के दो कर्मचारी संदीप और बीएस यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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