जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक बी शर्मा ने नाबालिग के साथ हुई छेड़छाड़ के एक मामले में आरोपी को चार साल के कारावास और दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 समेत कई अन्य धाराओं में भी दोषी पाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे जिला शासकीय अधिवक्ता केपी डंगवाल ने बताया कि सितंबर 2013 में 16 साल की एक नाबालिग से छेड़छाड़ की घटना हुई थी। पीड़िता आरोपी की चचेरी बहन लगती थी।
इस मामले में पीड़िता की मां ने श्रीनगर महिला थाने में आरोपी के खिलाफ तहरीर दी थी। तहरीर में कहा गया था कि आरोपी ने पीड़िता के कमरे में जाकर उसके साथ छेड़छाड़ करने के साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी।
कई अन्य धाराओं में भी पाया दोषी
इस मामले में आरोपी के खिलाफ महिला थाना श्रीनगर में धारा 354-ए, 354-बी, 506 और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
शुक्रवार को हुई सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी को 354-ए, 354-बी, 506 और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 में दोषी पाया। दोष सिद्ध होने के बाद कोर्ट ने आरोपी को विभिन्न धाराओं में सजा सुनाई।
न्यायालय ने आरोपी को धारा 354 बी में चार साल का कारावास ओर 10 हजार के जुर्माने, धारा 354 ए और धारा 506 में एक-एक साल का कारावास, पोस्को एक्ट में दो साल का कारावास और दो हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई।