मुनिकीरेती थाना पुलिस ने ऑनलाइन ‘कबूतरबाजी’ का पर्दाफाश किया है। कई राज्यों के बेरोजगारों को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये ठगने वाले को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी अब तक करीब 50 युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। वह सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को झांसे में लेता था। धोखाधड़ी में संलिप्त उसकी पत्नी फरार है।
नरेंद्रनगर पुलिस क्षेत्राधिकारी जेपी जुयाल ने बुधवार को मुनिकीरेती थाने में प्रेसवार्ता कर मामले का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले मुनिकीरेती निवासी ओमप्रकाश पुत्र पीतांबर दत्त ने थाने में तहरीर दी थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि यशपाल नेगी ने सोशल मीडिया पर मैसेज भेजकर उसे विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन लाख रुपये ठग लिए।
इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी की धरपकड़ के लिए टीम गठित की थी। ढालवाला चौकी प्रभारी विनोद कुमार की अगुवाई में टीम ने बुधवार को आरोपी यशपाल नेगी पुत्र गब्बर सिंह नेगी निवासी मासौ, पौड़ी गढ़वाल को ढालवाला स्थित गंगोत्री राजमार्ग पर थलवाल कांप्लेक्स के समीप से गिरफ्तार कर लिया। सीओ ने बताया कि आरोपी से पुलिस ने कई अहम दस्तावेज, स्टांप पेपर, बैंकों की पासबुक, पैन कार्ड और कई मुहर बरामद की हैं। बताया गया है कि उसका नेटवर्क विदेशों तक फैला हुआ है। धोखाधड़ी में संलिप्त उसकी पत्नी पूनम नेगी फरार है। उसके साथ अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।
ये युवक हुए ठगी का शिकार
आरोपी यशपाल नेगी ने सोशल मीडिया के माध्यम से नौकरी का झांसा देकर टिहरी निवासी अनिल, मनीष, केशव, रमेश, दीपक भद्री, सूरज, मुकेश जोशी, खुशहाल सिंह, गुड्डू, संदीप, मदन, सुदामा, पौड़ी निवासी सुरेंद्र नेगी, देहरादून निवासी गौरव काला, धारचूला निवासी रमेश चंद्र, हिमाचल प्रदेश के सोलन निवासी अर्जुन व मनीष, कोलकाता निवासी लुकमान अली, गुजरात के सूरत निवासी मोहम्मद आदम, इरफान, अय्यूब, इस्माइल, उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित आर्यनगर निवासी शिवानंद गौतम, अंकित आदि शामिल हैं।
सोशल मीडिया से चलाया धंधा, कई ठिकाने बनाए
आरोपी यशपाल नेगी ने फेसबुक पर पोस्ट शेयर कर विदेश में नौकरी दिलाने की बात कही। बेरोजगार युवाओं ने पोस्ट पर दिए नंबर पर उससे संपर्क किया। उसने वर्ष 2009 में कोटद्वार में एक दुकान में ऑफिस खोलकर युवकों को ठगा। बताया गया है कि आरोपी ने 50 युवाओं से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर ली। जालसाजी का पता चलने पर जब युवाओं को असलियत का पता चलने लगा तो वह दुकान बंद कर चंपत हो गया। इसके बाद आरोपी ने वर्ष 2015 में ढालवाला में इंस्टीट्यूट खोला। यहां भी उसने धोखाधड़ी का धंधा जारी रखा। अब वह गाजियाबाद स्थित एक फ्लैट से जालसाजी का धंधा संचालित कर रहा था।
कई देशों में फैला है नेटवर्क
यशपाल नेगी का नेटवर्क थाइलैंड, मलेशिया, इंडोनेशिया सहित कई देशों में फैला है। वर्किंग वीजा दिलाने के लिए वह बेरोजगारों को टूरिस्ट वीजा पर इन देशों में भेजता था। वहां वर्किंग वीजा न मिलने पर जब भेजे गए युवक उससे जानकारी करते थे तो वह बहाने बनाकर टालता रहता था। इसके बाद वह फोन ही बंद कर लेता था और नंबर बदल लेता था।
नमो विचार मंच का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष है यशपाल नेगी
मुनिकीरेती थानाध्यक्ष आरके सकलानी के मुताबिक आरोपी के दस्तावेजों की जांच में नरेंद्र मोदी विचार मंच संगठन का एक लेटर भी मिला है, जिसमें आरोपी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और उत्तराखंड प्रदेश प्रभारी मनोनीत किया जाना अंकित है। उन्होंने बताया कि आरोपी के अन्य दस्तावेजों की पड़ताल भी की जा रही है।