हरिद्वार के मंगलौर क्षेत्र में स्वयं सहायता समूह बनवाकर आर्थिक मदद करने का झांसा देने के आरोप में कंपनी के एमडी और उसके दो साथियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया गया है। घटना तीन साल पुरानी है।
खुद को बताया एमडी
मोहल्ला इस्लामनगर निवासी रिहाना ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2011 में एक व्यक्ति अपने दो साथियों के साथ उनके मौहल्ले में आया।
उसने खुद को एक कंपनी का एमडी बताकर महिलाओं से स्वयं सहायता समूह बनाने के नाम पर प्रति महिला साढ़े चार हजार रुपये के हिसाब से करीब तीन लाख रुपये इकट्ठा किए लेकिन किसी भी महिला को कोई सहायता नहीं दिलाई।
पैसे लेकर हुए गायब
कुछ महिलाओं को 980 रुपये के चेक भी दिये लेकिन बाद में तीनों गायब हो गए। महिला की तहरीर पर पुलिस ने केल्हणपुर देवबंद निवासी विजयपाल, दाबकीकलां लक्सर निवासी सुंदर तथा गेवर्धनपुर निवासी प्रभात के खिलाफ धोखाधड़ी मुकदमा दर्ज कर लिया है।