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रुपयों के लेनदेन से दागदार हुई दोस्ती

Fri, 10 Jan 2014 11:24 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
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दोस्त की हत्या कर आठ माह से फरार चल रहा फाइनेंसर आखिरकार देहरादून पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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हत्या की बात कबूली
पूछताछ में उसने रुपयों के लेनदेन में साथी फाइनेंसर बैजू शाह की हत्या की बात कबूली है। हत्या में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है। पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस कर ली है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जल्द उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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गत 17 मई को पुलिस ने कैंट कोतवाली क्षेत्र में अनारवाला के मिलिट्री कॉलोनी के बाहर सड़क पर एक शव बरामद किया था। शव की पहचान ठेकेदार और फाइनेंसर बैजू शाह निवासी चुक्खु मोहल्ला के रूप में हुई थी।
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हत्या के बाद पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पूछताछ में पुलिस को बैजू शाह के दोस्त राजेश मेहता उर्फ राजू पुत्र गोपाल किशन निवासी शांति विहार, बिंदाल चौकी पर शक हुआ था।

तब पूछताछ में उसने पुलिस की कहानी को घुमा दिया। इस दौरान पुलिस उसके खिलाफ सबूत तलाशती रही। कुछ दिन गुजरे तो जांच कैंट पुलिस से हटा कर होमीसाइड सेल और एसओ राजपुर को सौंप दी गई। दुबारा जांच में पुलिस को कुछ पुख्ता सबूत राजेश के खिलाफ मिले।

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उसे दुबारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। इस बार वह पुलिस के क्रॉस सवालों में उलझ गया और आखिरकार उसने पूरा भेद खोल दिया।

क्यों की हत्या?
राजेश मेहता ने बताया कि वह और बैजू शाह फाइनेंस का काम करते हैं। दोनों के बीच अक्सर लाखों रुपयों का लेनदेन होता रहता था। अप्रैल में उसने बैजू से एक लाख साठ हजार रुपए इस एग्रीमेंट के साथ उधार लिए थे कि वह वापसी सौ किस्तों में प्रत्येक दिन दो-दो हजार रुपए के हिसाब से करेगा।

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बीस किस्त देने के बाद वह रुपए वापस नहीं कर सका। इसको लेकर बैजू शाह से उसका विवाद हो गया। इस बीच उसने बैजू शाह को ठिकाने लगाने की सोच ली। इस साजिश में उसने अपने एक दोस्त सोनू सचदेवा को शामिल किया। सोनू को उसने 25 हजार रुपए का लालच दिया था।

ऐसे की हत्या
हत्या करने से पहले राजेश ने बाजार से एक मफलर खरीदा। उसके बाद राजेश और सोनू ऑल्टो कार से बैजू के घर के बाहर पहुंचे। वहां बैजू उन्हें घर की गली से पैदल आते दिखा तो राजेश उसके पास गया और उससे बात करने लगा।

उसने बैजू से कहा कि उसे उसके साथ किसी काम से चलना होगा। उसकी साजिश से बेखबर बैजू उसकी कार में बैठ गया। तीनों कालीदास मार्ग से होते हुए राजपुर रोड स्थित आरटीओ कार्यालय के पास पहुंचे। वहां उन्होंने वाइन शॉप से शराब खरीदी और उसका सेवन किया।

उसके बाद तीनों ही नया गांव पहुंचे। यहां राजेश और सोनू ने मफलर से गला दबा कर बैजू की हत्या कर दी। उसके बाद अनारवाला में उसकी लाश फेंक कर फरार हो गए।

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एसएसपी केवल खुराना ने हत्या के खुलासे में शमिल टीम को ढाई हजार रुपए इनाम की घोषणा की है। एसएसपी ने बताया कि हत्या में शामिल सोनू की भी जल्द ही गिरफ्तारी हो जाएगी।
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हत्यारे को देखने परिवार भी आया
पुलिस लाइन में जिस समय पुसिल ने हत्यारे राजेश को पत्रकारों के समक्ष पेश किया उस समय बैजू की पत्नी और बच्चे भी वहां मौजूद थे। दूर से वह उसे देखकर रो रहे थे।

बाद में उसकी पत्नी ने एसएसपी से गुहार लगाई कि साहब, इसे कठोर सजा देना। पत्नी के विलाप से माहौल गमहीन हो गया था।
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