शिक्षक पर छात्रा से छेड़छाड़ और अश्लील हरकत के आरोप के मामले में विजिलेंस ने एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी। अपराध अनुसंधान विभाग की अपर पुलिस अधीक्षक ने कोर्ट में सौंपी जांच रिपोर्ट में कहा कि अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए शिक्षक के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। मामला डोईवाला ब्लॉक के राजकीय इंटर कॉलेज का वर्ष 2014 का है।
जांच में मामला पाया झूठा
डोईवाला ब्लॉक के एक सरकारी स्कूल की शिक्षक पर स्कूल की ही छात्रों ने छेड़छाड़ और अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया था। शिकायत पर डोईवाला पुलिस ने शिक्षक अजय राजपूत के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था।
विजिलेंस ने मामले की जांच की तो मामला झूठा पाया गया। जांच रिपोर्ट में अपर पुलिस अधीक्षक शाहजहां जावेद खान ने कहा कहा कि विद्यालयी कमेटी की जांच रिपोर्ट में शिक्षक को निर्दोष घोषित किया गया है।
पीड़िता ने माना झूठा था मामला
वही पीड़िता के पिता, मां और पीड़िता ने अपने शपथ पत्र में आवेश में आकर झूठा मामला दर्ज कराने की पुष्टि की है। जांच रिपोर्ट में पीड़िता के पिता के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज कराने पर धारा 182 के तहत कार्यवाही के लिए कोर्ट से अनुरोध किया गया है।