फर्जी दस्तावेज और दूसरी महिला की तस्वीर लगाकर ससुर ने बहू के नाम पर 32.60 लाख रुपए का लोन ले लिया। लोन रिकवरी का नोटिस आने पर इसका खुलासा हुआ।
शिक्षिका की शिकायत पर शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी ससुर और अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी और षड्यंत्र रचने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
लोन रिकवरी के नोटिस
पोखड़ा ब्लॉक, पौड़ी गढ़वाल के राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय गौंडा में सहायक अध्यापिका पूजा ने बताया कि कुछ महीने तक उन्हें अलग-अलग बैंकों से लोन रिकवरी के नोटिस मिले। इस दौरान शिक्षिका ने बैंक को इसकी जानकारी दी।
पड़ताल में पता चला कि लोन के कागजों पर पूजा की तस्वीर और फर्जी दस्तावेज लगाकर उन्हें सहऋणी के रूप में दर्शाया गया है। छानबीन में मालूम हुआ कि पूजा के ससुर शांति प्रकाश सुहेड़ निवासी माजरा, पटेलनगर ने किसी महिला को साथ ले जाकर उसे अपनी बहू बताया।
बहू की जगह उसी महिला की तस्वीर लगा दी। आरोप है कि शांति प्रकाश ने षड्यंत्र रचकर वर्ष 2007 में पंजाब नेशनल बैंक की पटेलनगर शाखा से 9.60 लाख रुपए, 2008 में उत्तरांचल ग्रामीण बैंक की तहसील चौक शाखा से 11 लाख रुपए, वर्ष 2011 में यूको बैंक की रेसकोर्स शाखा से 12 लाख रुपए का लोन लिया। पूजा के ससुर शांति प्रकाश ग्राम्य विकास विभाग से रिटायर हैं।
एफआईआर के लिए आरटीआई की मदद
शिक्षिका पूजा ने बताया कि उन्होंने अगस्त 2013 एसपी सिटी को शिकायती प्रार्थनापत्र दिया था। पुलिस हर बार जांच के बाद मुकदमा दर्ज करने की बात कहकर टालती रही। इस पर 20 दिसंबर को पूजा ने एसएसपी कार्यालय में आरटीआई के तहत शिकायती प्रार्थनापत्र की सूचना मांगी। आरटीआई लगने के बाद अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है।